पत्रकार बलजीत अटवाल।
श्रीगंगानगर, राजस्थान।

अनूपगढ़ के गांव 90 जीबी के कमल वर्मा के साथ 19 जनवरी 2025 को और चक 03 ए अनूपगढ़ के रहने वाले मोता सिंह के साथ दिसंबर 2024 को हुए साइबर फ्रॉड के मामले में अनूपगढ़ पुलिस ने सफलता हासिल की है।
परिवाद के आधार पर कांस्टेबल राजेंद्र कुमार ने उनकी शिकायत साइबर पोर्टल पर दर्ज की। परिवादी कमल वर्मा पुत्र हेतराम वर्मा के अनुसार टेलीग्राम पर वह एक ग्रुप में जुड़ा हुआ था जिस दौरान ग्रुप के माध्यम से उसने कॉलिंग व चैटिंग शुरू कर दी। इन्वेस्टमेंट के नाम पर राशि डबल करने का झांसे में वह फंस गया और ₹08 हजार की ठगी का शिकार हो गया। इस पर कांस्टेबल राजेंद्र कुमार ने कार्रवाई करते हुए खाते से स्थानांतरण राशि को ट्रेस किया और फ्रॉड की गई ₹08 हजार की राशि में से ₹06 हजार रुपए की राशि को होल्ड करवाया। थाना अधिकारी ईश्वर प्रसाद जांगिड़ ने बताया कि जिस खाते में यह राशि स्थानांतरित हुई थी वह खाता बैंक ऑफ़ बड़ौदा का है। इसके बाद परिवादी ने अनूपगढ़ न्यायालय में भी परिवाद दायर किया। जिस पर न्यायालय ने बैंक ऑफ बड़ौदा के जयपुर के नोडल अधिकारी को होल्ड की गई राशि को कमल वर्मा के बैंक अकाउंट में स्थानांतरित करने के आदेश दिए। थानाधिकारी ने बताया कि परिवादी के खाते से 03 टुकड़ों में राशि निकाली गई।
इसी प्रकार परिवादी मोता सिंह पुत्र मंगल सिंह भी ₹10 लाख की लॉटरी के फर्जी मैसेज के झांसे में फंस गया और ₹17100 की ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। इस मामले में भी कांस्टेबल राजेंद्र कुमार ने ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर खाते से स्थानांतरित हुई पूरी राशि को होल्ड करवाया। इसके बाद 10 मार्च को न्यायालय के आदेश पर यह राशि परिवादी के खाते में स्थानांतरित हो गई।