पत्रकार बलजीत अटवाल।
श्रीगंगानगर, राजस्थान।

देश में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खातों में फंसा कर्ज (NPA) बढ़ रहा है। बढ़ते बैड लोन ने कृषि क्षेत्र को लेकर आरबीआइ की चिंता बढ़ा दी है। RBI के आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर कमर्शियल बैंकों के केसीसी खातों में पिछले 04 वर्ष में NPA में 42% की भारी बढ़ोतरी हुई है। मार्च 2021 के अंत में यह राशि 68,547 करोड़ रुपए थी, जो दिसंबर 2024 के अंत तक बढ़कर 97,543 करोड़ रुपए हो गई।
CPIM नेता एवं पंचायत समिति श्रीविजयनगर सदस्य पृथ्वीराज बुडानिया ने RBI के उक्त आंकड़ों को लेकर प्रतिक्रिया जताई है।
बुडानिया ने कहा – “उक्त स्थिति चिंताजनक है।
– सरकार किसानों को समय पर सिंचाई पानी नहीं देगी।
– सरकार किसान को फसल बीमा क्लेम नहीं देगी।
– सरकार किसान को MSP पर खरीद नहीं देगी।
– सरकार किसानों को लूट रही पेस्टिसाइड कंपनियों पर लगाम नहीं लगाएगी, बल्कि उनके साथ MOU साइन करेगी।
– सरकार अपनी आयात निर्यात नीति किसानों की फसलों के दाम गिराने के हिसाब से तय करेगी।
– सरकार मंडियों का, वेयर हाउसेस का विस्तार नहीं करेगी।
लेकिन सरकार KCC लिमिट बढ़ा देगी, सरकार 03 काले कृषि कानून बना देगी।
सरकार की पॉलिसियां पूंजीपतियों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं, किसानों को ध्यान में रखकर नहीं। सरकार बड़े पूंजीपतियों की है और पूंजीपतियों की निगाह अब हमारे कृषि सेक्टर पर है।”