पत्रकार बलजीत अटवाल।
संगरुर, पंजाब।

एमएसपी गारंटी कानून सहित अन्य मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन का 93वां दिन है। आज एक संदेश में किसान नेताओं ने जानकारी देते हुए कहा कि डल्लेवाल की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। उन्हें तेज बुखार हुआ है। बार बार उनकी नसें ब्लॉक हो जाती हैं, जिससे चिकित्सकीय जांच में परेशानी होती है।
किसान नेताओं ने एमएसपी गारंटी कानून को लागू करने को लेकर केंद्र सरकार द्वारा हठधर्मिता अपनाए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। डल्लेवाल की गंभीर स्थिति को देखते हुए 19 मार्च में चंडीगढ़ में प्रस्तावित आगामी बैठक से भी पहले किसान संगठन शीघ्र एक रणनीति तैयार करने वाले हैं। इस क्रम में आज खन्नौरी मोर्चे पर बैठक आयोजित की जा रही है।
गौरतलब है कि 25 फरवरी को सुबह डल्लेवाल का ब्लड प्रेशर अचानक से बढ़कर 176/107 हो गया था। 14 फरवरी के बाद 24 फरवरी को मेडिकल सहायता शुरू हुई क्योंकि दोनों हाथों की नसें ब्लॉक हो गईं थी। आमरण अनशन शुरू होने से पहले जगजीत सिंह डल्लेवाल का वजन 87 किलो था और अब शरीर में सिर्फ हड्डियां बची हैं।
उल्लेखनीय है कि फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के प्रतिनिधिमंडल व केंद्र सरकार के बीच 22 फरवरी को चंडीगढ़ में छठे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही थी। किसान संगठनों व केंद्र सरकार के तीन मंत्रियों शिवराज चौहान, पीयूष गोयल व प्रह्लाद जोशी के साथ ढाई घंटे तक चली मीटिंग में कोई हल नहीं निकला। अगली मीटिंग 19 मार्च को किए जाने की घोषणा की गई। मीटिंग के बाद चौहान ने कहा कि बैठक अच्छे माहौल में हुई। किसानों ने केंद्रीय मंत्रियों को बताया कि एमएसपी की लीगल गारंटी पर करीब 30 हजार करोड़ का खर्च आएगा। किसानों के पास अपने आंकड़े हैं और केंद्र सरकार के पास अपना डेटा है। दोनों आंकड़ों को मिलाया जाएगा। उसके बाद ही फैसला लिया जाएगा।