पत्रकार बलजीत अटवाल।
जयपुर, राजस्थान।

आमतौर पर देखा गया है कि पुलिस मुख्य व प्रभावशाली अपराधी को बचाने के लिए मामले को कुछ नया ही रूप दे देती है। ऐसा ही मामला प्रदेश के हनुमानगढ जिले के संगरिया पुलिस थाने का सामने आया है। घटना के मुताबिक 27 मार्च, 2024 को संगरिया पुलिस के थानाधिकारी धर्मपाल सिंह व डीएसटी टीम, हनुमानगढ़ ने सीओ करण सिंह बराड़ के नेतृत्व में गांव हरिपुरा की ढाणी 03 डीएनजी रोही में तड़के करीब साढे चार बजे हरचंद सिंह व इंद्रजीत सिंह के खेत में बनी ढाणी में छापा मारा। दोनों ढाणियों में पुलिस दल ने 06 क्विंटल 30 किलो डोडा चूरा पोस्त बरामद किया। पुलिस ने रामू बावरी के घर से 30 लाख करीब 30 हजार रुपए नकदी भी बरामद की। डोडा पोस्त बरामदगी के समय पुलिस की भनक लगते ही रामू बावरी मौके से फरार हो गया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने यह डोडा पोस्त व नकदी रामचंद्र उर्फ रामू बावरी निवासी हरिपुरा का होना बताया और आरोपी का मौके से फरार होना बताकर उसकी तलाश करने की बात कही। पुलिस की इन ढाणियों में छापेमारी का बेहद गोपनीय तरीके से वीडियो भी बनाया गया, जो कि किसी ने सार्वजनिक कर दिया।
आरोप है कि पुलिस मुख्य आरोपियों से सांठगांठ करके डोडा पोस्त की बरामदगी मुख्य स्थान की बजाय करीब 06 किलोमीटर दूर चक 04 एचआरपी में महावीर प्रसाद मेघवाल के खेत में होना दर्शा रही है। पुलिस के इस कृत्य को उजागर करने के लिए ऑल इंडिया एससी, एसटी, ओबीसी एंड माइन्योरटी ब्रदरहुड कमेटी पीड़ित परिवार के लिए न्याय की गुहार लगा रही है।
इस मामले को लेकर कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जसविंद्र सिंह धालीवाल, एससी प्रकोष्ठ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर चांवरिया, ऑल इंडिया मजहबी सिक्ख वैलफेयर एसोसिएशन (पॉलिटिकल विंग) के प्रदेश महासचिव मनदीप सिंह नाहर, आमजन नीति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश कुमार खन्ना और पीड़ित महावीर प्रसाद मेघवाल ने जयपुर में प्रेस वार्ता की। जसविंद्र सिंह धालीवाल ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जिन ढाणियों से डोडा चूरा पोस्त बरामद किया है वह बेहद प्रभावशाली व तस्कर रामचंद्र उर्फ रामू बावरी का है। पुलिस अधिकारियों ने रामू बावरी व अन्य प्रभावशाली लोगों के बचाने के लिए बड़े प्रलोभन के अधीन होकर डोडा पोस्त की बरामदगी का स्थान बदलकर चक 03 डीएनजी की रोही की जगह चक 04 एचआरपी के दलित व्यक्ति महावीर प्रसाद मेघवाल के खेत में बरामदगी दिखा दी है। जबकि दोनों स्थान की दूरी करीब 06 किलोमीटर है। यही नहीं, पुलिस ने रामू बावरी के घर से बरामद स्कार्पियो जीप, वर्ना कार व पिकअप जीप, जो चोरी की थी, उसे भी छोड़ दिया। इस मामले में पुलिस मुख्य आरोपी से सांठगांठ करके अदम पता एफआर लगा चुकी है। पीड़ित को संदेह है कि अदम पता की एफआर कभी भी रिऑपन करके पुलिस उसे एनडीपीएस के मामले में फंसा सकती है।
पीड़ित हनुमानगढ पुलिस अधीक्षक से भी न्याय की गुहार लगा चुका है। अब पुलिस महानिदेशक, नेता प्रतिपक्ष व अन्य पुलिस के उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहा है।

इस मामले को लेकर जसविंदर सिंह धालीवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया से मुलाकात की। यह मामला श्रीकरणपुर विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर के संज्ञान में भी लाया गया है।
विधायक अभिमन्यु पूनिया ने आश्वस्त किया है कि इस मामले को उनके द्वारा विधानसभा में उठाया जाएगा और समुचित कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में एससी प्रकोष्ठ कांग्रेस प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर चांवरिया, आमजन निति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश कुमार खन्ना, आल इंडिया मजहबी सिक्ख वैलफेयर एसोसिऐशन (पॉलिटिकल विंग) के प्रदेश महासचिव मनदीप सिहं नाहर शामिल थे।