पत्रकार बलजीत अटवाल।
श्रीगंगानगर, राजस्थान।

इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के प्रथम चरण में वर्तमान फसलों के लिए मांग के मुताबिक सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं होने पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूर्व घोषित रणनीति के तहत 15 फरवरी को नेशनल हाईवे जाम करने को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
13 फरवरी को उपखंड अधिकारी कार्यालय, घड़साना के समक्ष संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में धरना चौथे दिन भी जारी रहा। देर रात लगभग 09 बजे किसान नेता सत्यप्रकाश सिहाग ने धरनास्थल की एक तस्वीर साझा करते हुए अपने एक संदेश में कहा कि सभी किसान एवं सहयोगी संगठनों के पदाधिकारी-कार्यकर्ता 15 फरवरी को ज्यादा से ज्यादा संख्या में घड़साना के 13 एमडी टोल नाके पर नेशनल हाईवे जाम करने के प्रस्तावित कार्यक्रम में पहुंचें।
उन्होंने कहा – “आईजीएनपी क्षेत्र के तमाम मंडियों के व्यापार मंडल और समस्त व्यापारियों से निवेदन है कि 15 फरवरी के प्रस्तावित नेशनल हाईवे चक्का जाम के अवसर पर अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर किसान आंदोलन को समर्थन दें।”
उधर, 13 फरवरी को 620 RD पर शुरू किए जाने वाले अनिश्चितकालीन पड़ाव को स्थगित करते हुए इसे 14 फरवरी से शुरू करने का निर्णय लिया गया। दूरदराज से आने वाले किसान दोपहर बाद ही यहां पहुंचे, इसलिए किसान नेता भूप राम भाम्भू, राजू जाट, मदनलाल , रामकुमार की उपस्थिति में सांकेतिक धरना दिया गया।
उल्लेखनीय है कि 10 फरवरी को आयोजित उपखंड अधिकारी कार्यालय, घड़साना के घेराव एवं प्रशासन ठप्प कार्यक्रम के दूसरे दिन 11 फरवरी को किसान नेताओं की चीफ इंजीनियर हनुमानगढ़ प्रदीप रस्तोगी से उपखंड अधिकारी कार्यालय में हुई वार्ता विफल रही।