पत्रकार बलजीत अटवाल।
श्रीगंगानगर, राजस्थान।

मरूभूमि को सिंचित करने वाली इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के प्रथम चरण में वर्तमान फसलों के लिए मांग के मुताबिक सिंचाई पानी देने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा जारी किसान आंदोलन के बीच विभिन्न किसान नेताओं ने जल संसाधन विभाग एवं राज्य की भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की है।
सीपीआई एम नेता एवं पंचायत समिति, श्रीविजयनगर सदस्य पृथ्वीराज बुडानिया ने कहा – “यहां के भाजपा के नेता तो अपना प्रयास करेंगे ही कि क्षेत्र के किसानों को सिंचाई पानी न मिले। सिंचाई पानी मिला तो भाजपा की तूड़ी हो जाएगी। सिंचाई पानी न मिले इसी में तो इनका राजनीतिक हित है। इन्हें भी तो अपनी राजनीति की फसल पकानी है।
और खेती बचाने के लिए ये मेहनत करने से रहे।”
बुडानिया ने कहा – “उद्योगों को पानी चाहिए होता तो अब तक केबिनेट की बैठक हो चुकी होती और वह भी बिना उद्योगपतियों के धरना प्रदर्शन के। जाहिर है कि भाजपा की सरकार पूंजीपतियों के लिए काम करती है किसानों के लिए नहीं।”
उन्होंने भारतीय किसान संघ के लोगों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। उन्होंने कहा – “दरअसल, भारतीय किसान संघ भाजपा का ही संगठन है, जो किसान वर्ग के संघर्ष को कमजोर और बदनाम करने के लिए समांतर चलता है। जब कांग्रेस की सरकार होती है तो ये लोग सिंचाई पानी के लिए धरना प्रदर्शन की नौटंकी करते हैं और जब भाजपा की सरकार होती है तो ये लोग आंदोलन नहीं करने के फायदे बताते रहते हैं। ये धूर्त, चालक और सत्ता के चाटुकार लोग हैं जिनसे किसानों को बचना चाहिए।”
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता सत्यप्रकाश सिहाग ने एक वक्तव्य में जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर प्रदीप रस्तोगी पर भाजपा नेताओं के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है।