पत्रकार बलजीत अटवाल।
श्रीगंगानगर, राजस्थान।

इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के प्रथम चरण में वर्तमान फसलों के लिए मांग के मुताबिक सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं होने पर 10 फरवरी को उपखंड अधिकारी कार्यालय, घड़साना के घेराव एवं प्रशासन ठप्प कार्यक्रम के दूसरे दिन 11 फरवरी को किसान नेताओं की चीफ इंजीनियर हनुमानगढ़ प्रदीप रस्तोगी से उपखंड अधिकारी कार्यालय में हुई वार्ता विफल रही। सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के अनुसार, किसानों ने उपखंड अधिकारी कार्यालय परिसर के मुख्य द्वारों पर धरना देते हुए चीफ इंजीनियर सहित अन्य अधिकारियों को बंधक बना लिया गया।
किसान नेता सत्यप्रकाश सिहाग ने कहा कि चीफ इंजीनियर के यहां पहुंचने की संभावना पर रातों रात भाजपा नेता एकजुट होकर यह प्रयास करने में लग गए कि अगर चीफ इंजीनियर ने घड़साना आकर किसानों को सिंचाई पानी देने पर सहमति जताई तो वर्तमान भाजपा सरकार की नाक कट जाएगी, अतः उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर दबाव बनाया और नतीजा यह है कि चीफ इंजीनियर ने वार्ता में सकारात्मक रुख नहीं दिखाया और वार्ता विफल रही।

विधायक अनूपगढ़ श्रीमती शिमला नायक एवं पीसीसी सचिव श्रीमती राम देवी बावरी ने उक्त वार्ता विफल रहने पर विभागीय अधिकारियों की हठधर्मिता और भाजपा सरकार की नीयत को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया जताई।
किसान नेता सत्यप्रकाश सिहाग ने आंदोलन की आगामी रणनीति की घोषणा करते हुए बताया कि फिलहाल चीफ इंजीनियर एवं अन्य अधिकारी उपखंड अधिकारी कार्यालय में बंधक रहेंगे। अगर हमारी मांग नहीं मानी जाती है तो 13 फरवरी को 620 RD पर जहां से आईजीएनपी का द्वितीय चरण शुरू होता है वहां पर खाजूवाला, पूगल एवं दंतोर क्षेत्र के किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन पड़ाव शुरू किया जाएगा। 15 फरवरी को आईजीएनपी के प्रथम चरण में तीन स्थानों (H.N. 915, 911 एवं सतासर) पर अनिश्चितकालीन जाम शुरू किया जाएगा।
पंचायत समिति घड़साना प्रधान प्रतिनिधि अशोक जाखड़, यूथ कांग्रेस नेता गुलाम सरवर जसलेरा, किसान नेता लक्ष्मण सिंह, सुनील गोदारा, राजू जाट, एडवोकेट शोभा सिंह ढिल्लो, दलीप चोटिया, गुरमीत सिंह, गोपाल डागला, जसकरण सिंह, हरसुख चौधरी, दलीप मेघवाल, रामप्रताप राव, राकेश महला आदि नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया में राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों की आलोचना की है।
गौरतलब है कि 10 फरवरी को उपखंड अधिकारी कार्यालय, घड़साना में एडीएम अनूपगढ़ अशोक सांगवा, अपर पुलिस अधीक्षक रायसिंहनगर भंवर लाल, एसडीएम घड़साना दीपक चंदन, तहसीलदार घड़साना बबीता ढिल्लो, जल संसाधन विभाग एसई श्रीविजयनगर वीरेंद्र सिंह, एसई रेगुलेशन हनुमानगढ़ रामकिशन, एक्सईएन सूरतगढ़ केएल बैरवा, एक्सईएन खाजूवाला नीतीश कुमार व एक्सईएन छतरगढ़ सांवरमल मीणा आदि अधिकारियों ने तीन दौर की वार्ता की जो विफल रही।
उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर और भीतर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर विभिन्न थानों से पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है।