पत्रकार बलजीत अटवाल।
श्रीगंगानगर, राजस्थान।

इंदिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम चरण में वर्तमान फसलों के लिए मांग के मुताबिक सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं होने पर तय रणनीति के तहत किसान संगठनों द्वारा 10 फरवरी को उपखंड अधिकारी कार्यालय, घड़साना के घेराव एवं प्रशासन ठप्प कार्यक्रम को लेकर 09 फरवरी को विभिन्न कस्बों और गांवों में किसान नेताओं द्वारा नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर किसानों से 10 फरवरी को उपखंड अधिकारी कार्यालय, घड़साना पहुंचने का आह्वान किया गया।

गौरतलब है कि जल संसाधन विभाग ने 08 फरवरी को एडीएम कार्यालय, अनूपगढ़ में एडीएम अशोक सांगवा की मध्यस्थता में किसान नेताओं से वार्ता की। अधिकारियों ने कहा है कि किसानों को उनके हिस्से का पानी पहले दिया जा चुका है, निर्धारित शेयर में फेरबदल संभव नहीं है और बढ़ रहे तापमान के मद्देनजर पानी का स्टोरेज जरूरी है। उधर, एसई रेगुलेशन (हनुमानगढ़) रामकिशन के अनुसार, वर्तमान में इंदिरा गांधी नहर में पेयजल आपूर्ति हो रही है। एनडीआर और आरडब्ल्यूएसडी में शनिवार सुबह से पेयजल के लिए पानी शुरू कर दिया गया है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की मांग के अनुसार ही नहरों में पानी उपलब्ध करवाया जाना है। घड़साना से सीपीआई एम नेता एडवोकेट शोभा सिंह ढिल्लो ने बताया कि 10 फरवरी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर समीपवर्ती गांव पतरोड़ा, 06 एच, हिश्यामकी , सतराना, 17 एमडी, 22 एमडी, 09 डीडी एवं डब्बर सहित अन्य गांवों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है।
गांव 06 एच में आयोजित एक नुक्कड़ सभा में किसान नेता सत्यप्रकाश सिहाग ने कहा कि हम सभी एकजुट होकर पूरी ताकत से आंदोलन करेंगे और विभाग के चीफ इंजीनियर को घड़साना आकर किसानों से मिलकर सिंचाई पानी के संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी होगी।