पत्रकार बलजीत अटवाल।

श्रीगंगानगर, राजस्थान।
इंदिरा गांधी नहर परियोजना में रबी फसलों को पकाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने आन्दोलन की घोषणा की है। नई मंडी घड़साना स्थित व्यापार मंडल भवन में 02 फरवरी को आयोजित एक बैठक में किसान नेताओं ने आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की।
इस संबंध में आवश्यक जानकारी साझा करते हुए किसान नेता राजू जाट ने बताया कि 04 फरवरी को प्रथम चरण की सभी तहसीलों और उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर सभी किसान संगठनों द्वारा प्रशासन को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपे दिए जाएंगे। अगर मांग के मुताबिक सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं करवाया गया तो 10 फरवरी को उपखंड अधिकारी कार्यालय, घड़साना का घेराव एवं धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पौंग डैम में 1305 फिट पानी है जो कम है, लेकिन कांग्रेस सरकार में जब किसानों को सिंचाई पानी की जरूरत थी तो 1270 फुट डैम लेवल डाउन करके पानी उपलब्ध करवाया गया, आज तक 1300 से फुट से डैम लेवल डाउन करके 08 बार इस क्षेत्र के किसानों की फसलों को बचाया गया है। सरकार शीघ्र ही बीबीएमबी की बैठक बुलाकर दुसरे राज्यों से बात करके प्रथम चरण के किसानों को मांग के मुताबिक सिंचाई पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करे।
SKM की बैठक के बाद किसान नेता सत्यप्रकाश सिहाग ने मीडिया को आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने महात्मा गांधी अस्पताल, जयपुर में उपचाराधीन सीपीआई एम नेता श्योपत राम मेघवाल के एक संदेश का जिक्र करते हुए किसानों से आह्वान किया कि वे क्षेत्र की फसलों को बचाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करें।
बैठक में पंचायत समिति घड़साना प्रधान प्रतिनिधि अशोक जाखड़, कामरेड लक्ष्मण सिंह, सीपीआई एम जिला उपाध्यक्ष सुनील गोदारा, जिला परिषद सदस्य दलीप मेघवाल, सीपीआई एम तहसील सचिव एडवोकेट शोभा सिंह ढिल्लो, नरेन्द्र मान, मलकीत सिंह, सुरेन्द्र सिंह कंबोज, बलजीत सिंह जम्मू, कौर सिंह रामगढिय़ा, तरसेम सिंह एवं मखण सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए।