पत्रकार बलजीत अटवाल।

श्रीगंगानगर, राजस्थान।
राज्य सरकार द्वारा नवगठित जिले अनूपगढ़ को निरस्त किए जाने के विरोध में जिला बचाओ संघर्ष समिति द्वारा प्रस्तावित 17 जनवरी के अनूपगढ़ बंद के एक दिन पूर्व गुरुवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल ने अनूपगढ़ की नई धान मंडी में एक प्रेस कांफ्रेंस में अपने विचार व्यक्त किए।
मेघवाल ने कहा कि अगर भाजपा के लोग कहते हैं कि छतरगढ़ और खाजूवाला के अनूपगढ़ से बाहर निकलने की वजह से अनूपगढ़ को निरस्त किया गया है तो आज सरकार भाजपा की है और वर्तमान सांसद एवं कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने छतरगढ़ और खाजूवाला को अनूपगढ़ में शामिल करते हुए इसे यथावत रखना था। लेकिन विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार की जीत पर राज्य सरकार ने केवल कांग्रेस और भाजपा के लोगों को आपस में लड़वाने के मकसद से अनूपगढ़ को निरस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि चाहे हमें जेलें भरनी पड़ें, चाहे लंबा आंदोलन करना पड़े, हम संघर्ष में जिला बचाओ संघर्ष समिति के साथ हैं और हम जिला वापस लेकर रहेंगे।
मेघवाल ने इस क्रम में सांसद एवं कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के नजरिए की भी आलोचना की। उन्होंने कुछ राष्ट्रीय मुद्दों पर बेबाक राय व्यक्त करते हुए आरएसएस एवं भाजपा पर देश को बांटने, संविधान बदलने, हिन्दू मुस्लिम के नाम पर समाज को लड़ाने एवं पूंजीपति वर्ग के लिए काम करने का आरोप लगाया।
इस अवसर पर पीसीसी महासचिव एवं अनूपगढ़ विधायक श्रीमती शिमला नायक एवं पीसीसी सचिव श्रीमती राम देवी बावरी सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित थे।