पत्रकार बलजीत अटवाल।

श्रीगंगानगर, राजस्थान।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा मंगलवार को नई मंडी घड़साना में ‘बाबा रामदेव सामाजिक समरसता यात्रा’ के निमित सभा एवं कलश यात्रा का आयोजन किया गया।
यात्रा सहसंयोजक मदन गेदर ने India Meet TV को जानकारी देते हुए बताया कि रामदेवरा धाम से अखंड ज्योत लाकर ‘बाबा रामदेव सामाजिक समरसता यात्रा’ का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रमानुसार, सभा अध्यक्ष राजवीर सिंह (पुजारी, रामदेव मन्दिर, 3 एसटीआर, घड़साना) मुख्य अतिथि किशन सिंह दुग्गल (अध्यक्ष, व्यापार मण्डल घड़साना), विशिष्ठ अतिथि प्रभु दयाल बावरी (धर्मप्रसार जोधपुर प्रान्त निधि प्रमुख, विहिप), संत मोती दास जी महाराज (पुजारी, रामदेव मन्दिर, प्रेमनगर, अनुपगढ़) मुख्य वक्ता विजयानन्द (संघ प्रान्त प्रचारक, जोधपुर प्रान्त, आरएसएस) जिला प्रचारक जसराज (जिला प्रचारक) एवं भूपेश वैष्णव (विभाग संगठन मंत्री, विहिप) ने सारगर्भित उद्बोधन दिया। सभा के समापन पर सभी के द्वारा अपने अपने घरों से लाया गया सात्विक प्रसाद वितरित किया गया। मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिन्ह के तौर पर बाबा रामदेव का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर महेंद्र जोशी (जिला सह कार्यवाह), कैलाश नोखवाल (धर्म प्रसार प्रांतीय प्रकल्प प्रमुख), कृष्ण राव (जिला मंत्री), सीता राम प्रजापत (जिला अध्यक्ष, विहिप), सत्यनारायण जोशी (जिला संयोजक, बजरंग दल), महावीर पारीक (प्रखंड अध्यक्ष, विहिप), बृजमोहन चलाना (प्रखंड मंत्री, विहिप), गोरु नागपाल (प्रखंड सहसंयोजक, बजरंग दल), देवीलाल वर्मा (धर्म रक्षक), परविंदर सिंह महात्म (शिक्षाविद्), विनोद कारगवाल (समाजसेवी एवं प्रखर वक्ता), संदीप ढिल्लो (नगरपालिका अध्यक्ष), मोटन दास नायक (नगरपालिका उपाध्यक्ष) सहित गणमान्य नागरिक एवं आरएसएस, विहिप, बजरंग दल, धर्म प्रसार सहित अन्य सहयोगी संगठनों के पदाधिकारी-कार्यकर्ता उपस्थित थे।
समरसता यात्रा के उपलक्ष्य में 311 माताओं-बहनों ने भव्य कलश यात्रा में भाग लिया, जिसका जगह जगह भव्य स्वागत किया गया।

समरसता यात्रा के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में India Meet TV को संक्षिप्त जानकारी देते हुए यात्रा सहसंयोजक मदन गेदर ने कहा – “हमें छुआछूत तथा भेदभाव को मिटाकर बाबा रामदेव जी के पद चिन्हों पर चलकर समाज में समरसता कायम करनी चाहिए ताकि हमारा हिंदू समाज धर्म परिवर्तन की ओर अग्रसर न हो, यह चिंता का विषय है। हमें घर वापसी के लिए बेहतरीन प्रयत्न करने होंगे तथा धर्म परिवर्तन करवाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने होंगे।”