पत्रकार बलजीत अटवाल।

श्रीगंगानगर, राजस्थान।
राज्य सरकार द्वारा नवगठित जिले अनूपगढ़ को निरस्त किए जाने के विरोध में लामबंद हुए विभिन्न संगठनों द्वारा 31 दिसंबर को जिले को यथावत रखने की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट के समक्ष शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना नववर्ष पर 02 दिन तक स्थगित कर दिया गया है। अब 03 जनवरी को सर्वसम्मति से आगामी रणनीति बनाई जाएगी। विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं विपक्षी दलों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार द्वारा नवगठित अनूपगढ़ जिले को निरस्त किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया है। जिला बचाओ संघर्ष समिति अध्यक्ष एडवोकेट सुरेश बिश्नोई ने स्थानीय मीडिया को बताया कि नववर्ष पर 02 दिन तक आंदोलन स्थगित है, वहीं संघर्ष द्वारा मंडियों और ग्राम पंचायतों में जनसंपर्क कर सहयोग एवं समर्थन की अपील की जा रही है। 03 जनवरी को सर्वसम्मति से आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
गौरतलब है कि 31 दिसंबर को बाजार बंद रखे गए, अनूपगढ़ पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन द्वारा सुबह 09:00 से अपराह्न 02:00 बजे तक पेट्रोल पंप बंद रखे गए। 30 दिसंबर को विभिन्न मंडियों में सामाजिक संगठनों द्वारा अनूपगढ़ को जिला बनाए रखने की मांग के संबंध में प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए।
दूसरी ओर, 30 दिसंबर को पंचायत समिति अनूपगढ़ सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव श्रीमती राम देवी बावरी द्वारा पंचायत समिति सदस्य पद से इस्तीफा देने के बाद 31 दिसंबर शाम को नगरपरिषद अनूपगढ़ के 06 पार्षदों संजय अरोड़ा, पार्षद प्रतिनिधि अशोक मिड्ढा, सुखविंदर सिंह मक्कड़, राजू चलाना, राकेश सोनी, भूपेंद्र सिंह और भाजपा नेता अजय चराया ने जिले अनूपगढ़ को निरस्त किए जाने के विरोध में अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा स्थानीय मीडिया के समक्ष की।
