पत्रकार बलजीत अटवाल।

अनूपगढ़, राजस्थान।
पंचायत समिति, घड़साना अंतर्गत ग्राम पंचायत 3/4 एसएम (देशली) में मनरेगा कार्यों, पीएम आवास योजना व अन्य कार्यों के क्रियान्वयन में मौजूदा सरपंच ताराचंद मेघवाल द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच जिला प्रशासन द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय कमेटी से करवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का पंचायत समिति भवन, घड़साना के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना 18 दिसंबर को बाईसवें दिन भी जारी रहा।

धरनार्थी अंजू सिंह गिल ने India Meet TV से वार्ता में बताया कि 18 दिसंबर को शाम लगभग 5 बजे अपनी गाड़ी में सवार होकर लौट रहे विकास अधिकारी रामचंद्र मीणा ने उन्हें बताया कि धरनार्थियों की मांग पर जिला प्रशासन, अनूपगढ़ द्वारा एक जांच कमेटी गठित कर दी गई है। लेकिन विकास अधिकारी ने उन्हें कोई लिखित कार्यालय आदेश नहीं दिखाया। धरनार्थी लिखित कार्यालय आदेश देखकर और जिम्मेदार अधिकारी की उपस्थिति में ही अनिश्चितकालीन धरने की समाप्ति के संबंध में कोई निर्णय लेंगे।
गौरतलब है कि 04 दिसंबर को एसीओ राजेन्द्र जोईया द्वारा धरनार्थियों को 15 दिवस में जांच कमेटी गठित करवाए जाने का दिया गया लिखित आश्वासन धरनार्थियों ने नामंजूर करते हुए दो टूक शब्दों में कहा था कि जिला कलेक्टर पहले एक जांच कमेटी गठित करें और भ्रष्टाचार के इस मामले की जांच शुरू करवाएं, फिर ही हम वार्ता करेंगे। 16 दिसंबर को जिला परिषद के एक अधिकारी ने धरनार्थियों से उनकी मांगों संबंधी जानकारी ली थी।
सरपंच ताराचंद मेघवाल ने India Meet TV को एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रशासनिक जांच कमेटी द्वारा जांच शुरू की जाती है तो वे इसमें सहयोग करेंगे।
धरनार्थी राजूराम, महेंद्र कौर, पप्पू राम, अंजू सिंह गिल, सीता राम, राजकुमार एवं उग्रसेन के अनुसार, अगर जिला प्रशासन द्वारा जांच कमेटी गठित की गई है और जांच शुरू हो रही है तो प्रशासनिक अधिकारी धरनास्थल पर आकर स्थिति स्पष्ट करें।
