पत्रकार बलजीत अटवाल।
मोहाली, पंजाब।

किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) द्वारा 24 मार्च को मोहाली के अंब साहिब गुरुद्वारा में बैठक कर किसान आंदोलन के संबंध में आगामी रणनीति तैयार की गई।
प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए नेताओं ने कहा कि 19 मार्च को केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ मुलाकात करके आ रहे किसान नेताओं की गिरफ्तारी के बाद शंभू और खनौरी बॉर्डर पर 1947 और 1984 जेसे हालात बना दिये गए। सैकड़ों की संख्या में किसानों को गिरफ्तार किया गया, महिला किसानों के साथ बुज़र्ग किसानों पर लाठीचार्ज किया गया। मौके पर मौजूद पत्रकार स्टोरी टॉक से परभजीत सिंह की गिरफ्तारी हुई और गुरसमसीर को पीटा गया, मंदीप पूनिया से फोन छीना गया और पत्रकार मंदीप सिंह कंग का कैमरा तोड़ा गया। 20 मार्च को किसान मजदूर मोर्चा के वरिष्ठ किसान नेता बलवंत सिंह बहरामके को बाजवा ढाबे पर बुरी तरह से पीटा गया।
शंभू और खनौरी बॉर्डर पर ट्रैक्टर, ट्रालियों के साथ करोड़ों का सामान पुलिस की निगरानी में लोकल खनन माफिया एवं स्थानीय विधायक के साथ मिल कर चोरी करवाया गया।
गिरफ्तार किए गए किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की लोकेशन लगातर बदली जा रही है। हमारी उनसे अभी तक मुलाकात नहीं करवाई गई है।
आगामी रणनीति के तहत, 31 मार्च को आम आदमी पार्टी के मंत्रियों के घरों के समक्ष एक दिन का धरना प्रदर्शन किया जायेगा, मांगे नहीं मानी गईं तो इसे पक्के धरने में बदल दिया जायेगा। 28 मार्च को एसकेएम भारत के द्वारा डीसी दफ्तरों पर किए जाने वाले धरना प्रदर्शन का हम समर्थन करते हैं। पवाद के इलाके में कुछ लोगों द्वारा आपसी सद्भावना बिगड़ने की कोशिश करते हुए प्रचार किया गया है उसके चलते, 27 मार्च को सुबह 10 बजे, गुरुद्वारा नथाना साहिब गांव जंढमंगोली में पुवाद सद्भावना संगत एकत्रित की जायेगी।
हमारी मुख्य मांगे हैं कि जेलो में बंद सभी किसानों को बिना शर्त रिहा किया जाये, विधायक गुरलाल घन्नौर की विधान सभा सदस्यता रद की जाये। किसानों का तमाम गुम और चोरी हुआ सामान बरामद किया जाये और जितना नुकसान हुआ उसकी भरपाई की जाये। दोनों मोर्चों सामान चोरी करने वाले लोगों और उसकी साजिश रचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये। वरिष्ठ किसान नेता बलवंत सिंह बहरामके और किसानों पर अत्याचार करके लाठीचार्ज करने वाले एसएचओ हरप्रीत सिंह को बर्खास्त किया जाये। हमारा केंद्र के खिलाफ़ 12 मांगों पर आंदोलन पूरे जोर शोर से जारी है।