पत्रकार बलजीत अटवाल।
जयपुर, राजस्थान।

सीकर सांसद कामरेड अमरा राम ने संसद में ‘शून्य काल’ के दौरान राजस्थान में डेढ़ वर्ष पूर्व नवगठित 3 संभागों और 17 जिलों को वर्तमान राज्य सरकार द्वारा राजनीतिक आधार पर निरस्त किए जाने से संबंधित मुद्दे को उठाने की सूचना साझा की।
उन्होंने इस संदर्भ में लोकसभा महासचिव को लिखी गई सूचना में बताया कि राजस्थान में डेढ़ वर्ष पूर्व तीन संभाग और 17 जिलों का गठन किया गया था जिसमें सीकर, बांसवाड़ा और पाली संभाग का गठन किया गया था तथा नीम का थाना, अनूपगढ़, डीडवाना कुचामन सहित 17 जिलों का गठन किया गया था। जिसमें राजनीतिक आधार पर सीकर सहित सभी संभागो को निरस्त किया गया तथा नीमकाथाना और अनूपगढ़ जिलों को निरस्त किया गया जो सभी मापदंडों को पूर्ण करते हैं जो जनता की सुविधा के लिए बनाए गए थे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अभी ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों का पुनर्गठन करके उन्हें छोटा किया जा रहा है और जिलों एवं संभागों को समाप्त किया जा रहा है। नवगठित जिलों के निवासियों द्वारा संपूर्ण दस्तावेजों में जिले का नामकरण भी करवा लिया सभी विभागों में जिले का नाम संशोधित कर दिया गया जिससे नवगठित जिलों को निरस्त करने के कारण आमजन को भारी नुकसान हो रहा है तथा आर्थिक हानि भी हो रही है। आज तक के इतिहास में नवगठित जिलों को समाप्त करना पहली बार हुआ है। अतः मेरा अनुरोध है कि जो जिले एवं संभाग नए गठन करने के मापदंड पूर्ण करते हैं जनहित में उनको वापस बहाल करवाया जावे।