
पत्रकार बलजीत अटवाल।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
संभल में शाही जामा मस्जिद के पुनः हो रहे सर्वे को लेकर 24 नवंबर को हुए बवाल में 5 व्यक्तियों की मौत हो गई है, इनकी पहचान हो गई है।
गौरतलब है कि गुस्साई भीड़ ने मस्जिद के बाहर खड़ी कारों और बाइकों में आग लगा दी। बवाल के दौरान डिप्टी कलेक्टर रमेश बाबू, एसपी के पीआरओ संजीव कुमार और सिपाही आशीष वर्मा घायल हो गए। पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। सर्वे से पूर्व क्षेत्र की बेरीकेडिंग की गई थी लेकिन फिर भी वहां हजारों की संख्या में लोग विरोध करने के लिए पहुंचे। एक बार भीड़ पीछे हटती लेकिन फिर से आगे बढ़ जाती, पुलिस का आरोप है कि आक्रोशित भीड़ ने पत्थरबाजी की और गोलियां चलाईं।
24 नवंबर को देर शाम तक शहर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। अधिकांश क्षेत्रों में बाजार बंद रहे। एसपी कृष्ण बिश्नोई ने पुलिस पर पथराव कर रहे युवकों से शांत रहने की अपील की। वहीं, प्रशासन ने कानून व्यवस्था के मद्देनजर क्षेत्र में अगले 24 घंटे तक इंटरनेट सेवा बंद रहने का आदेश दिया। घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव सहित विपक्ष के विभिन्न नेताओं ने इस घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है।

संभल में जामा मस्जिद के वकील जफर अली ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि वह उस समय मौजूद थे जब डीआईजी, एसपी और डीएम भीड़ पर गोलियां चलाने पर चर्चा कर रहे थे।