क्या हर धरने पर सहारण और झोरड़ जैसी कुर्बानी की जरूरत है : अरोड़ा



पत्रकार बलजीत अटवाल।



अनूपगढ़, राजस्थान।
राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नई मंडी घड़साना को भूमि का पट्टा दिए जाने, नर्सिंग स्टाफ के पद बढ़ाए जाने और चिकित्सकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति किए जाने की मांग को लेकर नागरिकों की ओर से स्वास्थ्य केंद्र के समक्ष लगाए धरने पर 15 नवंबर को बारहवें दिन भी क्रमिक अनशन जारी रहा।


स्थानीय मीडिया से बातचीत करते हुए क्रमिक अनशनकारी राहुल अरोड़ा ने कहा कि सीएमएचओ गिरधारी लाल मेहरड़ा ने वादाखिलाफी करते हुए 14 नवंबर को एक आदेश के जरिए यहां के 4 डाक्टर कार्यमुक्त कर उन्हें अनूपगढ़ लगा दिया है। उन्होंने डाक्टर वर्ग को फुटबॉल समझ रखा है। वे हठधर्मी रुख़ अपनाए हुए हैं। इस क्रम में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के जनप्रतिनिधि, राजनेता और प्रशासन भी खामोश हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जैसे मुद्दे पर उनकी खामोशी संदेह पैदा करती है। अरोड़ा ने रोष जताते हुए कहा कि क्या घड़साना में हर धरने पर चंदू राम सहारण और एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ जैसी कुर्बानी की जरूरत है?
क्रमिक अनशनकारी मदन गेदर ने India Meet TV से वार्ता में कहा कि तमाम जनप्रतिनिधियों की खामोशी संदेहास्पद है, लेकिन हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
धरनास्थल पर राजेंद्र बिश्रोई, ओम कारगवाल, गिरधारी छापरवाल, जगजीत जंडू, नीटा कंसल, प्रकाश सिंह मिस्त्री, अर्जुन देव खुराना, रोहित सिडाना, मुकेश कुमार, रवि सिंह, संदीप वधवा, प्रताप मिठिया, ललित गोयल, नरेश अरोड़ा, दलजिंदर सिंह पन्नू, गुरदीप सिंह, जसविंदर सिंह, रविंद्र नंदा, रेशम सिंह सहित अन्य नागरिक उपस्थित रहे।

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Author: India Meet Tv

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