पत्रकार बलजीत अटवाल।

अनूपगढ़, राजस्थान।
राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नई मंडी घड़साना को भूमि का पट्टा दिए जाने, नर्सिंग स्टाफ के पद बढ़ाए जाने और चिकित्सकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति किए जाने की मांग को लेकर नागरिकों की ओर से स्वास्थ्य केंद्र के समक्ष लगाए धरने पर 13 नवंबर को दसवें दिन भी क्रमिक अनशन जारी रहा।
गौरतलब है कि 5 नवंबर को सीएमएचओ अनूपगढ़ गिरधारी लाल मेहरड़ा के आदेश पर चिकित्सा अधिकारी घड़साना डॉ सुशील बाना को राजकीय चिकित्सालय, अनूपगढ़ में लगाने के विरोध में धरनार्थियों द्वारा 9 नवंबर को सीएमएचओ को ज्ञापन प्रेषित कर डॉ बाना को पुनः घड़साना पदस्थापित करने की मांग करते हुए उन्हें 12 नवंबर को वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी प्रभारी घड़साना का घेराव करने की चेतावनी दी गई थी।
घेराव के दौरान जब वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ संदीप पचार मौके पर नहीं मिले तो यहां दौरे पर पहुंचे ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ भागीरथ बाजिया के समक्ष रोष प्रदर्शन करते हुए धरनार्थियों ने उन्हें बंधक बना लिया। इस पर सीएमएचओ द्वारा लगभग 35 मिनट बाद डॉ बाना को पुनः घड़साना लगाए जाने का लिखित आदेश जारी किया गया।
धरनार्थी मदन गेदर ने बताया कि प्रशासन उदासीन है। जब तक स्वास्थ्य केंद्र की भूमि का पट्टा देने की मांग पूरी नहीं होती तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
12 नवंबर को एक शिष्टमण्डल 5 एलएनपी, श्रीगंगानगर में सीएम भजनलाल शर्मा से मिलने के लिए रवाना हुआ परंतु उनका दौरा रद्द होने से शिष्टमंडल वापस लौट आया।
धरनास्थल पर राहुल अरोड़ा, राजीव खिरबाट, दीपक अग्रवाल, निर्मल सेन, सुनील मेघवंशी, गोरू नागपाल, हरप्रीत सिंह, सुनील सारस्वत, बृजमोहन चलाना, संदीप सरां, प्रकाश सिंह मिस्त्री, राजेंद्र बिश्रोई, सावन खान पठान, जगतार सिंह, रोहित अरोड़ा, संजीव गुप्ता, फौजी सोनी, दीपू मिड्ढा, रोहित सिडाना, कुलदीप भार्गव, महावीर पारीक सहित अन्य नागरिक उपस्थित रहे।