हरियाणा में जीरो से हीरो बनी भाजपा, अगड़े पिछड़ो ने की बल्ले-बल्ले

पत्रकार मनजीत सिंह रावला


हरियाणा में भाजपा सरकार बनाना एक चमत्कार माना जा रहा है,साधारण व्यक्ति के लिये हर वह चीज चमत्कार हैं,जिसे वह समझता नहीं! जैसे बिजली के बल्ब का जलना, पंखे का चलना सामान्य व्यक्ति के लिये चमत्कार हैं लेकिन एक इलेक्ट्रॉनिक इंजिनियर के लिये नहीं! क्योंकि वह उसी की समझ की इजाद है,इसी प्रकार हरियाणा में भाजपा की सरकार बनना, उन्हीं लोगों के लिये चमत्कार हैं जो‌ वहां की सामाजिक व्यवस्था को नहीं समझते।
      हरियाणा में पार्टी फेक्टर नहीं, जाति फेक्टर के चलते कांग्रेस की दुर्दशा और भाजपा की‌ सरकार बनी, यह कोई चमत्कार नहीं! कांग्रेस की आंखों से मोटा चश्मा उतारने की एक झलक मात्र, वर्गीकरण के विरोध का नतीजा है, आगे बहुत कुछ होना बाकी है, चुनाव हार के बाद हर राजनैतिक दल,हार‌ की समीक्षा बैठक बुलाने, समीक्षा करने का नाटक करता है,कीतनी हास्यास्पद बात है,समय रहते अपनी गलती सुधार की बात नहीं करता,जब पीछवाडे़ पर जनता की लात पड़ती है,तो समीक्षा याद आती है।
          हरियाणा में भाजपा जीरो थी,जमानत बचाने के लाले पड़े थे, भाजपा से किसान, फौजी, पहलवान,सब नाराज़,जाट भी गत दस वर्ष से मुख्यमंत्री पद से महरूम होने की वजह से नाराज़ थे,कीसी भी हालत में जाट मुख्यमंत्री की कुर्सी पर वापसी चाहते थे, अचानक भाजपा ने कौनसा पांसा फैंका की, कांग्रेस चारों खाने चित! चमत्कार हो गया!यह आम जन की‌ सोच से बाहर है, कांग्रेस भी हार के करण जानने के लिये हाईलेवल समीक्षा बैठक बुला रही है, कांग्रेस के लिये यह असहनीय पीड़ा, तगड़ा झटका है।
           चलो हम कांग्रेस आलाकमान की समीक्षा में थौडा़ सहयोग कर देते हैं,और बता देते की हरियाणा में कांग्रेस को मुंह की क्यों खानी पड़ी- 1- भाजपा ने जनता की नवज को पकड़ा, ओबीसी श्रेणी के नायब सैनी पर मुख्यमंत्री का दांव लगाया, वहीं कांग्रेस ! हुड्डा,शेलजा शेलजा खेलती रही,जाट और चमार को आगे रखकर सरकार बनाने की कवायद करती रही, एससी वर्ग के एक बड़े जाति समूह के हितों की अनदेखी की।
2- राज्य में वर्गीकरण लागू करने की घोषणा करके सैनी ने 42 आरक्षण लाभ से वंचित जातियों का समर्थन प्राप्त कर लिया, वहीं कांग्रेस के हुड्डा ने अपनी सरकार में शैलजा के कहने से वर्गीकरण हटवाया था,इस लिये वंचित जाति समूह इन दोनों नेताओं से खफा था,नफरत करता है, हरियाणा में पहले से लागू वर्गीकरण को हटाने से वंचित जातियों का बहुत नुक्सान हुआ,जीस की भरपाई करना बहुत मुश्किल है, बड़े जाति समूह के हजारों बच्चे नौकरी से वंचित रह गये, वंचित जातियों की अनदेखी का गत बीस वर्षों का ग़ुस्सा कांग्रेस पर ऐसा फुटा, कि भाजपा के सभी गुनाह माफ कर सरकार बना दी।
           यह उन सभी राजनैतिक दलों के लिये चैतावनी है,जो सर्वोच्च न्यायालय के आरक्षण में उप वर्गीकरण का विरोध करते हैं,उन सभी दलों की यही गत होगी,जो हरियाणा में सत्ता के नजदीक पहुंची कांग्रेस को “हिरो से जीरो,और भाजपा को जीरो से हीरो” बना दिया,यह वंचित जाति समूह में राजनैतिक चैतना पैदा होने का प्रमाण है, वर्गीकरण लागू करने की घोषणा को भाजपा ने भी चुनावी जुमला समझकर नजर अंदाज किया, लागू नहीं किया तो, अनजाम भुगताना पड़ेगा,यह आखिरी चुनाव नहीं!
             हरियाणा में कांग्रेस के हार का एक बड़ा कारण ओवर कांफिडेंस, अरविन्द केजरीवाल को को खुला छोड़ना, गठबंधन में नहीं रखना भी रहा,आप प्रत्याशीयों ने भी ज्यादा कांग्रेस को कमजोर किया, कांग्रेस का अन्तर कलह, आपसी फुट कांग्रेस को बैकफुट पर ले गई, हरियाणा के अगड़े पिछड़ो ने भाजपा की तीसरी बार बल्ले-बल्ले कर के, यह बता दिया कि प्रदेश जाट राजनीति से प्रेशान अब और मौका देने के मुड में नहीं,इस चुनाव में जननायक पुर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की हुंडी भुना कर हरियाणा में राजनीति करते आ रहे, चौटाला परिवार को संयुक्त रूप से दर्पण दिखा दिया कि अब हरियाणा के राजनैतिक फ्रेम में आप का कोई फोटो नहीं!आप भी चिन्तन मनन मन्थन करें, की आप के इस हाल का जुम्मेवार कौन है? आप स्वयं या कोई और! पढ़ने के लिये धन्यवाद आगे बढ़ायें, समाचार प्रकाशित कर सकते हैं,मगर हमारे नाम के साथ

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Author: India Meet Tv

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