पत्रकार मनजीत सिंह रावला

हनुमानगढ़। बॉलीवुड की कागज फिल्म तो देखी ही होगी। जिसमें एक जिंदा आदमी को विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते मृत घोषित कर दिया जाता है। जिसके बाद वह व्यक्ति खुद को जीवित साबित करने के लिए सालों तक अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाता है। इसी फिल्मी अंदाज की तरह का एक ताजा मामला हनुमानगढ़ के गांव 22 एनडीआर के लालचंद पुत्र चेतनराम का सामने आया है। इस मामले में खास बात यह है कि जिस व्यक्ति को मृत धोषित किया है लालचंद वह वर्तमान में ग्राम पंचायत 22-23 एनडीआर का वार्ड पंच भी निर्वाचित है। पंचायत के अधिकारियों की लापरवाही के चलते 9 माह पूर्व एक बुजुर्ग लालचंद को कागज पर मृत घोषित कर दिया गया। जब उस बुजुर्ग को पता चला तो अपने आप को जिंदा साबित करने व दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है लेकिन अधिकारियों पर कार्यवाही न होने के कारण दर दर भटक रहा है। लालंचद ने बताया कि उसके पुत्र सुरेन्द्र का देहात हो चुका है और उसकी विधवा पत्नी सोनुबाला ने अपने ससुर लालचंद की जायदाद हड़पने की नियत से ईमित्र विजय गुप्ता श्रीगंगानगर व ग्राम सचिव रविन्द्र कुमार के सहयोग से पंचायत प्रशासन अधिकारियों से मिलीभगत कर 31 दिसम्बर 2023 को लालंचद को मृत धोषित कर दिया। बिना किसी दस्तावेज के लालंचद को मृत धोषित कर दिया गया। ग्राम सचिव रविन्द्र कुमर ने जानबुझकर जन आधार में लालंचद का नाम मृत धोषित किया गया है। लालंचद द्वारा शुक्रवार को तीसरी बार जिला कलक्टर को गुहार लगाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की मांग की है। जिला कलक्टर ने आश्वस्त किया कि दोषी अधिकारियों को जल्द ही चार्जशीट मिल जायेगी।