पत्रकार बलजीत अटवाल।
श्रीगंगानगर, राजस्थान।

इंदिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम चरण में मांग के मुताबिक सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं होने पर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 10 फरवरी के प्रस्तावित उपखंड अधिकारी कार्यालय घड़साना के घेराव एवं प्रशासन ठप्प करने की रणनीति के बीच विभिन्न स्थानों पर किसान संगठन लामबंद हो रहे हैं।

05 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा परियोजना क्षेत्र में एक अतिरिक्त सिंचाई पानी की बारी देने की मांग को लेकर उपखंड अधिकारी कार्यालय अनूपगढ़ पर प्रदर्शन किया गया। मौके पर उपखंड अधिकारी मौजूद नहीं होने पर आक्रोशित किसानों ने उपखंड अधिकारी कार्यालय में धरना लगाया और जमकर नारेबाजी की गई।
इस दौरान किसान नेता सुनील गोदारा ने सिंचाई पानी के मुद्दे पर स्थानीय मीडिया से बातचीत करते हुए सिंचाई विभाग की हठधर्मिता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा हमारा ज्ञापन स्वीकार करते हुए सिंचाई विभाग के हवाले से जवाब लेकर हमारे समक्ष सिंचाई पानी की उपलब्धता के बारे में स्थिति स्पष्ट की जाए। उन्होंने कहा कि सूरतगढ़ शाखा के किसानों की पिटी हुई सिंचाई पानी की बारी की भरपाई भी की जाए।
पुलिस की समझाइश के बाद आखिरकार प्रदर्शनकारियों द्वारा घड़साना तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।
उधर हरकत में आए प्रशासन ने सिंचाई पानी के मुद्दे पर घड़साना में किसान नेताओं से वार्ता की है। उपखंड अधिकारी कार्यालय घड़साना में आयोजित बैठक में उपखंड अधिकारी घड़साना दीपक चंदन ने आश्वस्त किया कि किसानों की मांग के संबंध में सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है और आगामी दो दिन तक सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों से वार्ता करवा कर सिंचाई पानी के मुद्दे पर समाधान निकाला जाएगा।
इस अवसर पर भजन लाल कामरा, सुनील गोदारा, अशोक जाखड़, लक्ष्मण सिंह, हरसुख चौधरी, लालचंद बेनीवाल, राकेश महला सहित अन्य किसान नेता उपस्थित थे।