पत्रकार बलजीत अटवाल।

श्रीगंगानगर, राजस्थान।
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले में भगदड़ मचने और वहां हुई मौतों पर पंचायत समिति श्रीविजयनगर सदस्य एवं किसान नेता पृथ्वीराज बुडानिया ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। उन्होंने कहा कि इस बार महाकुंभ का पूरी तरह से राजनीतीकरण कर दिया गया है। देश की तमाम गोदी मीडिया और भाजपा आईटी सेल ने मिलकर इसकी ब्रांडिंग की। बुडानिया ने ‘भाजपा और धर्म’ विषय पर अपनी बेबाक राय व्यक्त करते हुए कहा कि धर्म के प्रति आस्था को राजनीतिक समर्थन में बदलना ही भाजपा का एजेंडा है।
बुडानिया ने कहा – “कुंभ को ग्लैमराइज कर भक्तों को आकर्षित करने के लिए एक मॉडल को इसमें साध्वी बनाकर उतारा गया। भक्तों को बुद्धिजीवी बनाने के लिए एक नशेड़ी IIT’AN को लाया गया। सोशल मीडिया पर कुंभ को ट्रेंड कराने के लिए मोनालिसा ढूंढी गई। अभिनेत्री ममता कुलकर्णी जैसे कई बॉलीवुड के बेरोजगार B,C ग्रेड के कलाकारों को लाकर महामंडलेश्वर बनाया गया। सरकार द्वारा प्रचार प्रसार तो किया ही गया। सरकार द्वारा ये सब करने के पीछे सिर्फ राजनीतिक उद्देश्य पूरा करने के सिवाय कुछ भी नहीं है।”
उन्होंने कहा – “काउंटिंग की जा रही है कि इतने करोड़ भक्त आए, जैसे चुनावी रैली में की जाती है। इनकी नजर में यहां पहुंचने वाला एक एक भक्त भाजपा का वोटर है। इनके पूरे तामझाम में भगदड़ ने माहौल खराब कर दिया। इनको डर लगा कि कहीं काम उल्टा न पड़ जाए इसलिए अब भावुक होने की नौटंकी की जा रही है, जरूरत पड़ी तो ये चिंघाडें मार मार कर रोने भी लग जाएंगे। भाजपा के लोगों के लिए धर्म केवल सत्ता हासिल करने का टूल भर है। मोदी और योगी की तस्वीरों से भरे प्रयागराज में जाने वाला हर भक्त सरकार की तमाम नाकामियां और खुद की परेशानियां भूल कर भक्त हो जाता है। धर्म के प्रति आस्था को राजनीतिक समर्थन में बदलना ही भाजपा का एजेंडा है, जिसमें वो कामयाब है। काम की राजनीति की जगह अब धर्म की राजनीति ने ले ली है।”