जयपुर
सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर: अनूपगढ़ जिला बनने पर संकट के बादल, 2 सितंबर को हो सकता है बड़ा फैसला
पत्रकार मनजीत सिंह रावला

यह खबर तथ्यात्मक नहीं है बल्कि संस्य के घेरे में है तो इस खबर की पूरी तरह इंडिया मीत टीवी पुष्टि नहीं करता लेकिन सूत्रों के हवाले से ऐसी जानकारी निकलकर सामने आ रही है
कांग्रेस सरकार द्वारा नवगठित 17 जिलों पर संकट मंडरा रहा है
अनूपगढ़ जिले के भविष्य पर भी संशय गहरा गया है, क्योंकि यह जिला बनने के मापदंडों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। सूत्रों के अनुसार, 2 सितंबर को राजस्थान सरकार की कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
क्या अनूपगढ़ का जिला बनने का सपना टूटने वाला है…?
डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी में नवगठित जिलों की समीक्षा की जा रही है, और इस दौरान कुछ जिलों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जिन जिलों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, उनमें अनूपगढ़, कोटपूतली-बहरोड़, नीमकाथाना, खैरथल तिजारा, केकड़ी, दूदू, सांचौर, गंगापुरसिटी, सलूम्बर, फलौदी, और शाहपुरा शामिल हैं।
क्या कहता है अनूपगढ़ का भाग्य..?
अनूपगढ़ वासियों के लिए यह एक चिंताजनक समय है। कई लोगों ने उम्मीदें बांध रखी हैं कि उनका शहर एक जिले के रूप में पहचान पाएगा, लेकिन अब इस पर गंभीर संकट है।
मुख्य बिंदु:कैबिनेट सब कमेटी की बैठक: 2 सितंबर को होगी, जिसमें नवगठित जिलों की संख्या घटाने पर मंथन किया जाएगा।
अनूपगढ़ का भविष्य: जिला बनने के लिए अनूपगढ़ ने जिन मापदंडों को पूरा करना था, उसमें खरा नहीं उतरने के कारण इस पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। राज्य के सीएम से मिलकर मांग करनी चाहिए थी,अनूपगढ़ विधायक शिमला नायक या पूर्व विधायक संतोष बावरी इन दिनों में सीएम से मुलाकात कर,मांग रखी जानी चाहिए,लेकिन फिकर किसको है अनूपगढ़ से लेकर 365 हैड तक कोई नेता नहीं,जो सीएम से मिलकर प्रयास करते अनूपगढ़ को जिला रखने के लिए,प्रयास करते तो ऐसे दिन नहीं देखना पड़ते
राजनीतिक समीकरण: सरकार के इस फैसले से कई जिलों का भविष्य अधर में लटक सकता है।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार..?
रायसिंगनगर पूर्व विधायक ने मांग रखी है की रायसिंहनगर,की जनता श्री गंगानगर जिले में रहना चाहती है,
उधर खाजूवाला विधायक विश्वनाथ ने मांग की है की खाजूवाला,और छतरगढ़ की जनता बीकानेर जिले में रहना चाहती है
ऐसे में अगर अनूपगढ़ जिला नही रहा, तो क्षेत्र की जनता का मनोबल और सपना टूटता है
क्या अनूपगढ़ के लोगों की उम्मीदें टूटेंगी, या मिलेगा नया जिला…?
जिले का दर्जा मिलने के बाद जिस उम्मीद के साथ अनूपगढ़ के लोगों ने जश्न मनाया था, अब वही जश्न एक गहरे अंधकार में डूबता नजर आ रहा है। 2 सितंबर को होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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जैसे ही इस मीटिंग से कोई बड़ा निर्णय निकलता है, हम आपको तुरंत अपडेट करेंगे। तब तक के लिए, अनूपगढ़ वासियों को अपनी दुआओं में शहर के भविष्य के लिए प्रार्थना करनी होगी।