पत्रकार बलजीत अटवाल।

संगरुर, पंजाब।
एमएसपी गारंटी कानून सहित अन्य मांगों को लेकर किसानों के खनौरी मोर्चे पर आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की तबीयत मंगलवार को 43वें दिन बिगड़ गई।
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने अपराह्न 04 बजे बताया – “इस समय जगजीत सिंह डल्लेवाल जी की तबियत बहुत नाजुक है, परमात्मा न करे, यदि जगजीत सिंह डल्लेवाल जी के साथ कुछ अनहोनी हुई तो केंद्र सरकार हालात संभाल नहीं पाएगी, जितने लोग 04 जनवरी को डल्लेवाल साहब की 01 कॉल पर खनौरी आये थे, उस से 1000 गुणा ज्यादा लोग सड़कों पर होंगे।”
गौरतलब है कि अनशन के 42वें दिन सोमवार को अचानक डल्लेवाल की तबियत बहुत ज्यादा बिगड़ी, पल्स 42 एवं बीपी 80/56 से भी नीचे आया।
उल्लेखनीय है कि खनौरी बॉर्डर पर 04 जनवरी को आयोजित किसान महापंचायत को डल्लेवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि वे देशभर आत्महत्या कर चुके किसान वर्ग के लिए सरकार से लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि पंजाब हरियाणा की तरह देशभर के किसान सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतर कर संघर्ष करें। डल्लेवाल ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि उनकी कुर्बानी से किसानों की आत्महत्या रुकती है तो उन्हें वह भी मंजूर है।
महापंचायत में 10 जनवरी को देशभर में ‘मोदी सरकार’ के पुतले फूंककर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का ऐलान किया गया।
04 जनवरी को टोहाना में आयोजित संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन लंबा चलेगा, यह सरकार ही आंदोलन खत्म नहीं करवाना चाहती। किसान नेताओं ने तय किया कि 24 जनवरी को दिल्ली में होने वाली नेशनल जनरल बॉडी मीटिंग में आंदोलन की रणनीति घोषित की जाएगी।