कृषि भूमि पर चलाए जा रहे ईंट-भट्टा संचालकों के साथ राजस्व मिली भगत या कुछ और ..?

पत्रकार मनजीत सिंह रावला

रावला क्षेत्र में बिना डायवर्सन कराएं कृषि भूमि पर चल रहे अवैध ईट भट्टों का आज तक राजस्व अधिकारियों ने निरीक्षण क्यों नही किया । इस रावला से रोजड़ी रोड़ पर ग्राम पंचायत 9 पीएसडी में ईंटे कृषि भूमि पर निकली जा रही है,कभी भी राजस्व विभाग ने जांच नहीं की अवैध रूप ईट भट्टे संचालित पाए भी जाते है,रावला तहसील बनने के बाद आज तक तहसीलदार ने (IPC) 177 की धारा के तहत इन ईंट भट्ठों पर सख्त कार्रवाई क्यों नही की गई ,ये बड़ा सवाल है, जब की उपखंड अधिकारी का बड़ा रोल रहता है,सबसे बड़ा लोगो का आरोप है की ये सब ईंटों का निर्माण कार्य किया जा रहा हैं इन अधिकारियों की मिली भगत चल रहा है। जबकि यह भूमि कृषि प्रयोजन के लिए आरक्षित है लेकिन आवेदक गणों द्वारा व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है

अब राजस्थान सरकार की नीति भ्रष्टाचार मुक्त राजस्थान होगा ये सपना चूर चूर होता दिख रहा है देश के पीएम व भजन सरकार ने जनता से बड़ा वादा था लेकिन पूरा होता नही दिख रहा..?

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 177 के तहत, किसी लोक सेवक को जान-बूझकर झूठी जानकारी देने के अपराध से जुड़ी जानकारी दी गई है:
अगर कोई व्यक्ति किसी लोक सेवक को जान-बूझकर झूठी जानकारी देता है, तो उसे छह महीने तक की जेल हो सकती है.
इसके अलावा, जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
अगर कोई व्यक्ति किसी बड़े अपराध की जानकारी जान-बूझकर झूठी देता है, तो उसे दो साल तक की जेल हो सकती है.
इसके अलावा, जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
इस धारा के तहत कुछ उदाहरण:
अगर कोई भूस्वामी, अपनी ज़मीन पर हत्या होने के बारे में जानते हुए, मजिस्ट्रेट को झूठी जानकारी देता है.
अगर कोई चौकीदार, यह जानते हुए कि उसके गांव से अजनबी लोग गुज़र रहे हैं, पुलिस को झूठी जानकारी देता है.

ऐसा चल रहा है तहसीलदार व इस पर कार्यवाई क्यों नही करते

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Author: India Meet Tv

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