पत्रकार बलजीत अटवाल।

अनूपगढ़, राजस्थान।
सीमावर्ती क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध 31 मार्च, 2022 से जनसहयोग से पोस्टर अभियान शुरू करने वाले बार संघ घड़साना के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ द्वारा 29 अगस्त को अपने निवास पर आत्महत्या किए जाने के मामले में एसओजी जांच की जा रही है। 23 दिसंबर को पुलिस थाना नई मंडी घड़साना में एसओजी टीम ने मामले के क्रम में न्यायालय में अभियोग चलाने और उसमें गवाही देने संबंधी बन्ध पत्रों पर गवाहों के हस्ताक्षर करवाए और कुछ गवाहों से आवश्यक पूछताछ की।
गौरतलब है कि 18 अप्रैल, 2022 की मध्यरात्रि को घटित घटनाक्रम में एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ एवं अन्य को हिरासत में लेकर पुलिस थाना नई मंडी घड़साना में रातभर मारपीट की गई, यहीं नहीं पुलिस अधिकारियों ने रंजिशवश उन सभी पर धारा 307 अंतर्गत झूठा मामला भी दर्ज करवाया। 19 अप्रैल, 2022 को जमानत पर रिहा होने पर एडवोकेट झोरड़ ने भी 2 दिन बाद, न्यायालय के माध्यम से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। ड्रग माफिया, थाना प्रभारी घड़साना एवं अन्य द्वारा लगातार उन पर यह मुकदमा वापस लेने एवं राजीनामा करने के लिए भारी दबाव बनाया जा रहा था और झूठे केस में फंसाने की धमकियां भी दी जा रही थी। पुलिस के उच्चाधिकारियों की हठधर्मिता और लगातार मिलने वाली धमकियों से एडवोकेट झोरड़ मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित हो चुके थे और इसी हालत में उन्होंने 29 अगस्त, 2022 को अपने निवास पर फांसी लगाकर जान दे दी। वे एक सुसाइड नोट भी छोड़ गए थे जो कुछ दिन बाद उनके कार्यालय में अन्य फाइलों के बीच एक लिफाफे में मिला।
एडवोकेट झोरड़ की पत्नी द्वारा 30 अगस्त, 2022 को दिए गए परिवाद पर पुलिस थाना नई मंडी घड़साना में थाना प्रभारी मदन लाल बिश्नोई सहित छः अन्य पुलिसकर्मियों पर धारा 306, 34 अन्तर्गत मामला दर्ज किया गया। वहीं, दूसरी ओर बार संघ अनूपगढ़ एवं घड़साना द्वारा मुख्यमंत्री को प्रेषित मांग पत्र में, एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ के परिवार को मुआवजे के तौर पर एक करोड़ रूपए दिए जाने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने, एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ द्वारा पूर्व में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध दर्ज एफआईआर संख्या 157/2002 के सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किए जाने और एडवोकेट विजय सिंह झोरड़ को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने वाले सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित किए जाने की मांग की गई।
उधर, उपखण्ड अधिकारी कार्यालय घड़साना में 30 अगस्त, 2022 को जिला कलेक्टर श्रीगंगानगर श्रीमती रुक्मणि रियार सिहाग एवं पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर आनंद शर्मा की मौजूदगी में एक प्रतिनिधिमंडल के साथ 3 दौर की वार्ता में कुछ मांगों पर सहमति बनी, दोषी पुलिस अधिकारी निलंबित किए गए और अगले दिन एडवोकेट झोरड़ के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस मामले में सीबीआई जांच की मांग भी उठाई गई थी, वर्तमान में एसओजी जांच चल रही है।