पत्रकार बलजीत अटवाल।

अनूपगढ़, राजस्थान।
श्रीगंगानगर एवं अनूपगढ़ जिले में स्थापित ईंट भट्ठों पर निर्मित पक्की ईंटें ट्रकों के जरिए बीकानेर, कोलायत, नोखा, जोधपुर सहित विभिन्न शहरों तक भेजी जा रही हैं। कभी-कभी ट्रैक्टर ट्राली और ट्रक पर क्षमता से अधिक अथवा ओवरलोड स्थिति में भरी ईंटें सड़क दुघर्टना का कारण बनती हैं। अधिकांश वाहन चालक ईंटों से भरे वाहनों पर तिरपाल आदि लगाकर नहीं चलते। इस कारण वाहनों से सड़क पर गिरी ईंटों की वजह से दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इस संबंध में ईंट भट्ठों के संचालकों और वाहन मालिकों को चाहिए कि वे वाहन चालकों को हिदायत दे कि वे कोई लापरवाही न बरतें।
यह विचार राष्ट्रीय मोदी सेवा समिति (RMSS) जिलाध्यक्ष एवं भारतीय किसान संघ तहसील मंत्री रामचंद्र सारड़ीवाल ने सोशल मीडिया पर जारी एक संदेश में व्यक्त किए।
सारड़ीवाल स्वयं विभिन्न वाहन चालकों को इस संबंध में जागरूक करते हुए सावधान कर रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि वे इस संबंध में वाहन चालकों से समझाइश करें।
