पत्रकार बलजीत अटवाल।
नई दिल्ली।
किसान नेता सरदार जगजीत सि

ंह डल्लेवाल की तबियत दिनों दिन गंभीर होती जा रही है। 19 दिसंबर को आमरण अनशन के 24वें दिन वे अचानक बेहोश हो गए, वे लगभग 10 मिनट तक बेहोश रहे और उल्टियां आईं। उनके स्वास्थ्य की जांच करने वाले चिकित्सकों ने उनकी स्थिति बेहद गंभीर बताई है।
डल्लेवाल 26 नवंबर से पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी बॉर्डर पर अनशन पर हैं। वे केंद्र सरकार पर फसलों के एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी सहित आंदोलनकारी किसानों की मांगों को स्वीकार करने के लिए दबाव बना रहे हैं।
किसान नेताओं का कहना है कि किसान बॉर्डर पर 10 महीने से शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे हैं। मगर केंद्र सरकार किसानों का दिल्ली जाने वाला रास्ता रोक रही है, जो सही नहीं है। सरकार वार्ता करने की बजाय तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। वहीं दूसरी ओर कुछ भाजपा नेता एवं मीडिया समूह किसान आंदोलन को लेकर भ्रम की स्थिति फैला रहे हैं।
आंदोलनकारी किसान एमएसपी की कानूनी गारंटी के अलावा, किसान कर्ज माफी, किसानों और कृषि मजदूरों के लिए पेंशन, बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं करने, पुलिस मामलों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की स्थिति बेहद गंभीर होने पर वरिष्ठ किसान नेताओं ने सोशल मीडिया पर अपील करते हुए कहा कि सारे साथी खनौरी मोर्चे पर अधिक से अधिक संख्या में शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचें। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।