पत्रकार मनजीत सिंह रावला

राजस्थान का शिक्षा विभाग एक बड़े बदलाव की तैयारी में है। प्रदेश के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है – कुछ स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। इस समस्या को हल करने के लिए विभाग ने 37,000 शिक्षक ट्रांसफर करने की योजना बनाई है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलवर ने कुछ दिन पहले ही इस संबंध में निर्देश जारी किए थे।
राजस्थान के कुछ स्कूलों की कमी समाप्त हो जाएगी
या महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूल में कई शिक्षक अतिरिक्त हो गए थे। जब यह जानकारी शिक्षा मंत्री दिलवर को मिली, तो उन्होंने अधिकारियों को इसमें शामिल होने का निर्देश दिया। सूची तैयार करने के लिए यहां पाया गया कि प्रदेश में 37,000 शिक्षक अतिरिक्त हैं, जिनमें से कई शिक्षक हैं।
हालाँकि, जहाँ-जहाँ परमाणु ऊर्जा की कमी है, वहाँ-वहाँ अतिरिक्त वेतन दिया जा रहा है, जिससे वे स्कूल में पढ़ नहीं रहे हैं, लेकिन वेतन उठा रहे हैं। अब विभाग उन स्कूलों में अतिरिक्त प्लांट की तैयारी कर रहा है, जहां पर इलेक्ट्रॉनिक्स की कमी है।
हालाकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक आपने ही विभाग से धोखा कर रहे है सरकार उन पर सख्त है, जिसे की ग्रामीण लोगो से किराया नामां लेकर सरकार से पैसे वसूले जा रहे हैं देखा जाए तो हाल में आपने घर से विद्यालय पहुंचते हैं, लेकिन मकान का किराया सरकार से ले रहे हैं,इस तरह की कई शिकायते मिली है समय रहते बड़ी कारवाई होगी
राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश प्रकाश शर्मा ने कहा कि इस छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिली है और वे लंबे समय से इस मांग को उठा रहे थे।
इससे पहले यह घोषणा की गई थी
इससे पहले शिक्षा एवं विकिपीडिया मंत्री मदन दिलावर ने इस्पात की मंडलियों पर एक नई घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि जो स्कूल या स्कूल का शिक्षक अपने साइंटरोपण का लक्ष्य पूरा करेगा, उसे मेरिट में 5 अतिरिक्त अंक मिलेंगे
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इसके अलावा, जो पर्यावरण अपना प्लांटरोपण का लक्ष्य पूरा करना चाहता है, उसे विषय में पांच अतिरिक्त अंक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जो ग्राम पंचायत कम से कम 50,000 टूल्सगी, उसे सरकार की ओर से विकास निर्माण कार्य के लिए 10 लाख रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।