पत्रकार बलजीत अटवाल।

अनूपगढ़, राजस्थान।
ग्राम पंचायत क्षेत्र 3/4 एसएम (देशली) में मनरेगा कार्य एवं पीएम आवास योजना में हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत पर समुचित कार्रवाई नहीं होने पर पंचायत समिति घड़साना के समक्ष तय कार्यक्रमानुसार ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना 02 दिसंबर को छठे दिन भी जारी रहा। भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कमेटी से जांच की मांग कर रहे धरनार्थियों ने मीडिया के समक्ष प्रशासन को अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों द्वारा पूर्व में उपखण्ड अधिकारी को जिला कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में चेतावनी दी गई थी कि उनकी शिकायत पर समुचित कार्रवाई नहीं होने की सूरत में पंचायत समिति घड़साना के समक्ष धरना शुरू किया जाएगा, लगभग 15 दिन गुजरने पर प्रशासनिक हठधर्मिता से आहत होकर ग्रामीणों ने 27 नवंबर को अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया।
धरनार्थी राजू राम ने India Meet TV से वार्ता में कहा कि उक्त ग्राम पंचायत क्षेत्र में लगभग साढ़े चार सालों में मनरेगा अंतर्गत कच्चे व पक्के कार्यों और पीएम आवास योजना में फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार हुआ है। जिला प्रशासन से एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर उक्त भ्रष्टाचार की जांच की मांग उठाई है, ऐसा नहीं होने की सूरत में हम अनशन पर भी बैठ सकते हैं।
धरनार्थियों का आरोप है कि सरपंच ताराचंद मेघवाल द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत अपने चहेतों और अपात्र परिवारों को लाभान्वित किया गया है, जबकि पात्र एवं जरूरतमंद परिवार अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

धरनास्थल पर अंजू सिंह गिल, परमजीत कौर, महेंद्र कौर, देशराज, सोमा देवी, राजकुमार, जीतो कौर, पप्पू राम, उग्रसेन एवं राकेश कुमार सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।