पत्रकार बलजीत अटवाल।

अनूपगढ़, राजस्थान।
ग्राम पंचायत 3/4 एसएम (देशली) के जागरूक ग्रामीणों द्वारा पंचायत क्षेत्र में मनरेगा कार्य एवं पीएम आवास योजना में हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर की गई शिकायत पर समुचित कार्रवाई नहीं होने पर पंचायत समिति घड़साना के समक्ष तय कार्यक्रमानुसार अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है।
संक्षिप्त जानकारी के मुताबिक, ग्रामीणों द्वारा पूर्व में उपखण्ड अधिकारी को जिला कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में चेतावनी दी गई थी कि उनकी शिकायत पर समुचित कार्रवाई नहीं होने की सूरत में 15 दिन बाद पंचायत समिति घड़साना के समक्ष धरना शुरू किया जाएगा। स्पष्ट है कि धरनार्थी प्रशासनिक हठधर्मिता से आहत होकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
धरनार्थी अंजू सिंह गिल ने एक दिसंबर को India Meet TV से वार्ता में कहा कि उक्त ग्राम पंचायत क्षेत्र में वर्ष 2021 से अब तक मनरेगा अंतर्गत कच्चे व पक्के कार्यों में फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार हुआ है। हमने जिला प्रशासन से एक कमेटी गठित कर जांच की मांग उठाई थी, लेकिन समुचित कार्रवाई नहीं हुई। अनिश्चितकालीन धरना शुरू होने पर 27 नवंबर को जिला परिषद, श्रीगंगानगर को भी ज्ञापन प्रेषित किया गया था। ज्ञापन में जांच कमेटी गठित करने की मांग करते हुए उल्लेख किया गया था कि –
– मनरेगा अंतर्गत फर्जी मस्टररोल व फर्जी भुगतान होने की जांच हो।
– मनरेगा अंतर्गत निर्मित ग्रेवल सड़कें जो उखड़ चुकी हैं एवं संबंधित फर्जी मस्टररोल की जांच हो।
– पीएम आवास योजना अंतर्गत पात्र परिवारों को दरकिनार कर अपात्र परिवारों को लाभान्वित किए जाने की जांच हो।
– मनरेगा अंतर्गत पक्के खालों के शुद्धिकरण में हुए फर्जीवाड़े व भ्रष्टाचार की जांच हो।
धरनार्थियों ने कहा कि सरपंच ताराचंद मेघवाल द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत अपने चहेतों को लाभान्वित किया गया है, पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों को धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन हठधर्मिता अपनाए हुए है।
धरना प्रदर्शन के दौरान सीता राम, राजू राम, सुनीता, महेंद्र कौर, जीतो कौर, अंजू सिंह गिल, परमजीत कौर सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।