पत्रकार बलजीत अटवाल।
श्रीगंगानगर, राजस्थान।

आईजीएनपी के प्रथम चरण में अनूपगढ़ शाखा के किसान शसरसों के पल्लर के निश्चित किए गए रेट (₹400/ किवंटल) को लेकर एकमत हैं, लेकिन घड़साना क्षेत्र में ईंट भट्ठा यूनियन इससे सहमत नहीं हैं। इस स्थिति में अब क्षेत्र के किसानों ने एकजुटता व्यक्त करते हुए आज ईंट भट्ठों को मिट्टी और पानी नहीं देने का ऐलान किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घड़साना के समीपवर्ती गांव 12 एमएलडी में आयोजित किसानों की सभा में इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया। यह तय किया गया कि पल्लर के निश्चित किए गए रेट से कम पर पल्लर नहीं बेचा जाएगा, वहीं अब किसान ईंट भट्ठे के लिए अपने खेतों से मिट्टी नहीं देंगे। ईंट भट्ठे के लिए पानी के टैंकर नहर से भरने नहीं दिए जाएंगे। मिट्टी से भरे ट्राले खेतों के रास्तों से होकर गुजरने नहीं दिए जाएंगे। टकराव की स्थिति में जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
उक्त विवरण एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में उल्लेखित है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन से मांग की गई है कि सरसों के पल्लर का भाव निश्चित (₹400/ किवंटल) किया जाए। ईंट भट्ठों द्वारा मिट्टी के अवैध परिवहन पर रोक लगाई जाए। ईंट भट्ठों के लिए नहरों से पानी के टैंकर भरने पर रोक लगाई जाए।
किसानों ने बाहर से यहां आकर सरसों के पल्लर को बेचने वाले लोगों पर भी रोकथाम का निर्णय लिया है, बाहर से आने वाली कुछ पिकअप गाड़ियां के चालकों से समझाइश कर उन्हें वापस भेजा जा रहा है।