
पत्रकार बलजीत अटवाल।
हनुमानगढ़, राजस्थान।
महाराजा अग्रसेन भवन, कोर्ट रोड हनुमानगढ़ जंक्शन में 16 मार्च, रविवार क ‘रंगरेटे गुरु के बेटे की दशा और दिशा चिंतन महासम्मेलन’ में भारी संख्या में समाजबंधुओं ने शिरकत की।
महासम्मेलन ऑल इंडिया मज़हबी सिक्ख वैलफेयर एसोसिएशन, अमर शहीद बाबा जीवन सिंह वैलफेयर सोसायटी, अखिल राजस्थान मज़हबी सिक्ख महासभा एवं अमर शहीद बाबा जीवन सिंह विदिअक अते भलाई ट्रस्ट के तत्वाधान में आयोजित किया गया।
महासम्मेलन में मुख्य अतिथि सरदार सुखविंदर सिंह डैनी (पूर्व विधायक प्रभारी दिल्ली कांग्रेस एवं पूर्व कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष पंजाब कांग्रेस), अति विशिष्ट अतिथि सरदार सविंदर सिंह सिरसा (कॉर्डिनेटर ऑल इंडिया मज़हबी सिक्ख वैलफेयर एसोसिएशन) एवं सरदार सुखमंदर सिंह गज्जनवाला (राष्ट्रीय अध्यक्ष ऑल इंडिया मज़हबी सिक्ख वैलफेयर एसोसिएशन) थे एवं अध्यक्षता सरदार जसविंदर सिंह धालीवाल (राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनीतिक विंग – ऑल इंडिया मज़हबी सिक्ख वैलफेयर एसोसिएशन एवं प्रदेशाध्यक्ष अखिल राजस्थान मज़हबी सिक्ख महासभा) ने की। मंचासीन अतिथियों को सरोपे पहनाकर अभिनंदन किया गया।
मुख्य अतिथि सरदार सुखविंदर सिंह डैनी ने अपने संबोधन में समाज के राजनीतिक सशक्तिकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यदि समाज की सामाजिक जड़ें मजबूत होंगी, तभी राजनीतिक, प्रशासनिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से भी समाज की प्रगति संभव होगी। उन्होंने समाजबंधुओं से संगठित होकर समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया।उन्होंने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में युवाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
महासम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे सरदार जसविंदर सिंह धालीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मज़हबी सिक्ख सिर्फ एक समुदाय नहीं, बल्कि एक विचारधारा है, जिसने सिख धर्म की रक्षा और उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हमारी एक समृद्ध विरासत और इतिहास है। उन्होंने अमर शहीद शिरोमणि जरनैल बाबा जीवन सिंह, शहीद बाबा दीप सिंह, अकाली फूला सिंह, शिरोमणि जरनैल हरी सिंह नरुआ, भाई वीर सिंह और धीर सिंह जैसे योद्धाओं के बलिदान को याद किया और कहा कि इनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही समाज को सशक्त बनाया जा सकता है।
अति विशिष्ट अतिथि सरदार संविदर सिंह सिरसा ने कहा कि समाज के हर परिवार को अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि शिक्षा ही आत्मनिर्भरता की कुंजी है। उन्होंने वर्तमान समय में समाज की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सुधारात्मक उपायों पर चर्चा की।
अति विशिष्ट अतिथि सरदार सुखमंदर सिंह गज्जनवाला ने सामाजिक उत्थान के विभिन्न मुद्दों पर विचार साझा किए।
उन्होंने कहा कि नशाखोरी, अशिक्षा, आपसी मतभेद और सामाजिक भेदभाव जैसी समस्याएं समाज की प्रगति में बाधक हैं। उन्होंने समाज में शैक्षणिक, धार्मिक, राजनीतिक, आर्थिक तरक्की के लिए जन-जागरूकता एवं एकजुटता का आह्वान किया।
सम्मेलन में समाज को एकजुट करने और राजनीतिक,
शैक्षणिक एवं आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। यह तय किया गया कि समाज के प्रत्येक सदस्य को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा, युवाओं को रोजगार और शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे और नशामुक्ति अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।
महासम्मेलन में सरदार वैशाखा सिंह (प्रदेशाध्यक्ष अमर शहीद बाबा जीवन सिंह वैलफेयर सोसायटी), सरदार जंटा सिंह, सरदार पवनदीप सिंह एडवोकेट, सरदार मनदीप सिंह नाहर, सरदार जगदेव सिंह सिद्धू, सरदार चरणजीत सिंह धालीवाल, सरदार राजपाल सिंह, सरदार इंद्रजीत सिंह, सरदार सुरेंद्र सिंह, सरदार सुखमंद्र सिंह गिल, डॉ गुरमेल सिंह, गायक विशाल सरगम, सरदार तरसेम सिंह रंधावा, सरदार गुरदास सिंह, सरदार हरमेश सिंह, सरदार किरणजीत सिंह गहरी, पंथ प्रचारक मनदीप सिंह विद्यार्थी, बाबा हरजिंदर सिंह खालसा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार रखे। मंच संचालन सरदार रवि गिल ने किया।
सरदार जसविंदर सिंह धालीवाल ने महासम्मेलन में उपस्थित अतिथियों एवं समस्त समाजबंधुओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह चिंतन महासम्मेलन मज़हबी सिक्ख समाज के उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नई दिशा तय करेगा।
