पत्रकार बलजीत अटवाल।
श्रीगंगानगर, राजस्थान।

इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के प्रथम चरण में रबी फसलों के लिए मांग के मुताबिक सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं होने पर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के तत्वाधान में जारी किसान आंदोलन अब उग्र रूप में सामने आएगा।
पूर्व घोषित रणनीति के तहत 13 एमडी, घड़साना में 15 फरवरी से शुरू किए गए नेशनल हाईवे (N.H. 911) जाम के दूसरे दिन 16 फरवरी को किसान नेताओं द्वारा सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि आज शाम 05 बजे तक सिंचाई पानी दिए जाने को लेकर घोषणा नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इस क्रम में एडीएम अनूपगढ़ अशोक सांगवा एवं जल संसाधन विभाग श्रीविजयनगर एसई वीरेंद्र सिंह के साथ हुई वार्ताएं विफल करार देते हुए उग्र आंदोलन शुरू किए जाने का ऐलान किया गया।
जानकारी के अनुसार, नेशनल हाईवे जाम यथावत रहेगा, आज खाजूवाला में प्रस्तावित महापड़ाव में कुछ स्थानीय किसान नेता शामिल होंगे और वहां सर्वसम्मति से लिए जाने वाले निर्णय के अनुसार आज से पूरे प्रथम चरण में आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। अपने संबोधन में किसान नेताओं ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को सिंचाई पानी के मुद्दे पर बहलाने की असफल कोशिश की, लेकिन हम पूरे प्रथम चरण के लिए मांग के मुताबिक सिंचाई पानी लेकर रहेंगे।
देर शाम को उग्र आंदोलन शुरू करने के ऐलान के साथ ही युवा किसानों ने नेशनल हाईवे पर टायर जलाकर उग्र आंदोलन का संकेत दिया।
भूमि विकास बैंक, रायसिंहनगर के चेयरमैन एवं किसान नेता कालूराम थोरी की बहन श्रीमती सुदेश गोदारा के बेटे की शादी है , इसके उपलक्ष्य में भात टिकाने की रस्म अदायगी के लिए वे घर नहीं जा पाए इसलिए कल देर शाम नेशनल हाईवे पर उनकी बहन एवं अन्य रिश्तेदार पहुंचे और बहन ने अपने भाई का तिलक करते हुए भात टिकाने की रस्म अदायगी की। उन्होंने कहा कि यह भावुकता भरे और खुशी के पल हैं, निश्चित रूप से किसान भाईयों का संघर्ष सफल रहेगा और क्षेत्र की फसलों के लिए सिंचाई पानी उपलब्ध होगा।