नक्के-मोघे का पता नहीं, सिंचाई मंत्री बने बैठे हैं : नायक



पत्रकार बलजीत अटवाल।

श्रीगंगानगर, राजस्थान।


इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के प्रथम चरण में रबी फसलों के लिए मांग के मुताबिक सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं होने पर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएस) के आह्वान पर पूर्व घोषित रणनीति के तहत आज किसान नेशनल हाईवे जाम कर रहे हैं।
सिंचाई पानी दिए जाने की घोषणा तक यह जाम यथावत रखने का निर्णय लिया गया है। एक बैठक में विचार विमर्श के उपरांत शाम लगभग 05:30 बजे किसान नेताओं ने सभास्थल पर इसकी जानकारी साझा की। घड़साना के 13 एमडी टोल नाके पर नेशनल हाईवे (N.H. 911) जाम करने के लिए भारी संख्या में किसान उपस्थित हैं।


अपने संबोधन में अनूपगढ़ विधायक एवं कांग्रेस नेत्री श्रीमती शिमला नायक ने कहा कि हमारे कुछ स्थानीय (भाजपा) नेता जयपुर गए हैं जो वहां मुख्यमंत्री एवं सिंचाई मंत्री सुरेश रावत से मिल रहे हैं। ठीक है, वे जागे हैं लेकिन देरी से। वहीं किसानों (भारतीय किसान संघ) के एक डेलीगेशन ने हरिके बैराज, पंजाब में सिंचाई पानी की उपलब्धता देखी है, वे बताएं कि उन्हें क्या हासिल हुआ। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को बांध, नहरों, खाले, नक्के-मोघे का पता नहीं वे सिंचाई मंत्री बने बैठे हैं। विभागीय अधिकारीयों द्वारा उन्हें गुमराह किया जा रहा है, वे स्वयं जाकर सिंचाई पानी की उपलब्धता की जानकारी लें, सरकार पंजाब और हरियाणा से बातचीत क्यों नहीं कर सकती। विधायक ने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर किसानों पर लाठीचार्ज, बल प्रयोग या उन्हें उंगली भी लगाई तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें।


दोपहर लगभग 12:30 बजे सड़क मार्ग पर पुलिस द्वारा लगाए गए बेरिकेट्स को लेकर किसान नेताओं एडवोकेट शोभा सिंह ढिल्लो, अशोक गोदारा एवं मांगीलाल आदि की पुलिस अधिकारियों से बहसबाजी हुई, इसे लेकर किसान नेता राजू जाट ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने किसानों को यहां आने से रोका तो हम पुलिस की गाड़ियां जला देंगे।
किसान नेता सत्यप्रकाश सिहाग, राजू जाट, अशोक जाखड़, पीसीसी सचिव श्रीमती राम देवी बावरी, गुलाम सरवर जसलेरा, एडवोकेट शोभा सिंह ढिल्लो, अशोक गोदारा, हरविंदर सिंह संधू, मांगीलाल सहित अन्य वक्ताओं ने सिंचाई पानी के मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त करते हुए जल संसाधन विभाग एवं राज्य की भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की है।
नेशनल हाईवे जाम होने की वजह से घड़साना – अनूपगढ़ मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गई। सभा में उपस्थित लोग गुरूद्वारा सिंह सभा से आए लंगर को ग्रहण कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 10 फरवरी को आयोजित उपखंड अधिकारी कार्यालय, घड़साना के घेराव एवं प्रशासन ठप्प कार्यक्रम के दूसरे दिन 11 फरवरी को किसान नेताओं की चीफ इंजीनियर हनुमानगढ़ प्रदीप रस्तोगी से उपखंड अधिकारी कार्यालय में हुई वार्ता विफल रही, उस दिन से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।
कल संयुक्त किसान मोर्चा, जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग के अतरिक्त सचिव जयपुर अमरजीत मेहरड़ा के साथ एडीएम कार्यालय, अनूपगढ़ में देर शाम वार्ता हुई जो आखिरकार विफल रही।

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Author: India Meet Tv

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