अतिरिक्त सचिव द्वारा ली गई बैठक विफल, 15 को होगा ऐतिहासिक हाइवे जाम, भारतीय किसान संघ की किरकिरी



पत्रकार बलजीत अटवाल।

श्रीगंगानगर, राजस्थान


इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के प्रथम चरण में वर्तमान फसलों के लिए मांग के मुताबिक सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं होने पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूर्व घोषित रणनीति के तहत 15 फरवरी को नेशनल हाईवे जाम करने को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
आज उपखंड अधिकारी कार्यालय, घड़साना के समक्ष संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में पांचवें दिन भी धरना जारी रहा। एक बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने प्रस्तावित नेशनल हाईवे जाम को लेकर व्यापक चर्चा की और किसान नेता सत्यप्रकाश सिहाग और विधायक श्रीमती शिमला नायक के निर्देशन में अलग-अलग नेताओं के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया।


विधायक श्रीमती शिमला नायक ने जल संसाधन विभाग एवं राज्य की भाजपा सरकार के रवैए पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई। युवा किसान नेता अशोक गोदारा ने कहा कि हमारा नेशनल हाईवे जाम कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा और जब तक सिंचाई पानी नहीं मिलेगा तब तक हम पूरी तैयारी के साथ डटे रहेंगे।सभी किसान एवं सहयोगी संगठनों के पदाधिकारी-कार्यकर्ता 15 फरवरी को ज्यादा से ज्यादा संख्या में घड़साना के 13 एमडी टोल नाके पर नेशनल हाईवे (N.H. 911) जाम करने के प्रस्तावित कार्यक्रम में पहुंचें।
व्यापार मण्डल घड़साना द्वारा 15 फरवरी के प्रस्तावित नेशनल हाईवे जाम को समर्थन दिया गया है। अध्यक्ष किशन सिंह दुग्गल ने सभास्थल पर इसकी घोषणा की। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने एक संदेश में अपना समर्थन दिया है।
India Meet TV से वार्ता में गोदारा ने कहा कि 10 फरवरी को आयोजित उपखंड अधिकारी कार्यालय, घड़साना के घेराव एवं प्रशासन ठप्प कार्यक्रम के दूसरे दिन 11 फरवरी को किसान नेताओं की चीफ इंजीनियर हनुमानगढ़ प्रदीप रस्तोगी से उपखंड अधिकारी कार्यालय में हुई वार्ता विफल रही। तब से लेकर आज तक यहां धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। पूरे प्रथम चरण के किसान आंदोलित हैं, लेकिन जल संसाधन विभाग हठधर्मिता अपनाए हुए है। अब संघर्ष ही एकमात्र विकल्प है।
किसान नेता राजू जाट ने बताया कि आज संयुक्त किसान मोर्चा, प्रशासन व सिंचाई विभाग के अतरिक्त सचिव जयपुर अमरजीत मेहरडा के साथ एडीएम कार्यालय अनूपगढ़ में देर शाम हुई वार्ता विफल रही है, इस अवसर पर मौजूद भारतीय किसान संघ के नेताओं और राज्य सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी (भारतीय किसान संघ मुर्दाबाद, पर्ची सरकार मुर्दाबाद) की गई।
गौरतलब है कि सीपीआई एम नेता पृथ्वीराज बुडानिया ने भारतीय किसान संघ को भाजपा का संगठन करार देते हुए इसके पदाधिकारियों पर आरोप लगाया है कि वे किसानों को गुमराह कर रहे हैं।

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Author: India Meet Tv

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