पत्रकार बलजीत अटवाल।
श्रीगंगानगर, राजस्थान।

युवा किसान नेता हरविंदर सिंह संधू ने कहा है कि वर्तमान फसलों को बचाने के लिए मांग के मुताबिक सिंचाई पानी की मांग को लेकर जारी किसान आंदोलन गैर-राजनीतिक है। हम सभी एकजुट होकर सिंचाई पानी की मांग करें और इस आंदोलन में शामिल होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। अंततः हमें सिंचाई पानी मिलेगा। हमारे संघर्ष की जीत होगी। और हम अपनी फसलों के लिए पानी लेकर रहेंगे। उन्होंने डेम में पर्याप्त पानी होने के बावजूद प्रथम चरण की नहरों में मांग के मुताबिक सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं कराने पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई। वे 12 फरवरी को उपखंड अधिकारी कार्यालय, घड़साना के समक्ष संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में जारी धरने पर रात्रि विश्राम के दौरान लगभग 09 बजे अपने साथियों नरेन्द्र मान एवं डूंगर राम नायक सहित अन्य किसानों के साथ स्थानीय मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के प्रथम चरण में वर्तमान फसलों के लिए मांग के मुताबिक सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं होने पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 10 फरवरी को आयोजित उपखंड अधिकारी कार्यालय, घड़साना के घेराव एवं प्रशासन ठप्प कार्यक्रम के दूसरे दिन 11 फरवरी को किसान नेताओं की चीफ इंजीनियर हनुमानगढ़ प्रदीप रस्तोगी से उपखंड अधिकारी कार्यालय में हुई वार्ता विफल रही। सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के अनुसार, किसानों ने उपखंड अधिकारी कार्यालय परिसर के मुख्य द्वारों पर धरना देते हुए चीफ इंजीनियर सहित अन्य अधिकारियों को बंधक बना लिया।

किसान नेता सत्यप्रकाश सिहाग ने आंदोलन की आगामी रणनीति की घोषणा करते हुए बताया कि अगर हमारी मांग नहीं मानी जाती है तो 13 फरवरी को 620 RD पर जहां से आईजीएनपी का द्वितीय चरण शुरू होता है वहां पर खाजूवाला, पूगल एवं दंतोर क्षेत्र के किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन पड़ाव शुरू किया जाएगा। 15 फरवरी को आईजीएनपी के प्रथम चरण में (H.N. 915, 911 एवं सतासर) पर अनिश्चितकालीन जाम शुरू किया जाएगा।
620 RD पर आज होने वाले अनिश्चितकालीन पड़ाव को लेकर किसान नेताओं की विभिन्न टीमों ने क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार किया।