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पत्रकार बलजीत अटवाल।
श्रीगंगानगर, राजस्थान।

इंदिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम चरण में वर्तमान फसलों के लिए मांग के मुताबिक सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं होने पर तय रणनीति के तहत किसान संगठनों द्वारा 10 फरवरी को उपखंड अधिकारी कार्यालय, घड़साना के घेराव एवं प्रशासन ठप्प कार्यक्रम में क्षेत्र के किसान भारी संख्या में उपखंड अधिकारी कार्यालय, घड़साना पहुंचे।
सभास्थल पर वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि विभाग के चीफ इंजीनियर, हनुमानगढ़ को यहां आकर किसानों से मिलना चाहिए और सिंचाई पानी की उपलब्धता पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

लगभग साढ़े चार बजे तक उपखंड अधिकारी की मौजूदगी में स्थानीय विभागीय अधिकारियों से हुई वार्ता विफल रही। इस पर लगभग एक घंटे तक चली सभा में किसान नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि चीफ इंजीनियर के यहां नहीं पहुंचने पर वे यहां मुख्य द्वार पर लगाए गए बेरिकेट्स तोड़ कर अधिकारियों को कैद कर लेंगे। इस पर उपखंड अधिकारी द्वारा कहा गया कि विभागीय वरिष्ठ अधिकारी वार्ता के लिए आ रहे हैं। लेकिन चीफ इंजीनियर की गैर मौजूदगी में हुई दूसरे दौर की वार्ता भी विफल रही। वहीं पुनः तीसरे दौर की लगभग साढ़े सात बजे हुई वार्ता भी विफल रही।
इसके बाद किसान नेताओं ने धरनास्थल पर आकर किसानों को बताया कि 11 फरवरी को दोपहर 12 बजे विभाग के चीफ इंजीनियर यहां पहुंचेंगे और उनके साथ सिंचाई पानी के मुद्दे पर वार्ता होगी। किसान नेताओं ने कहा कि अधीनस्थ अधिकारियों ने किसानों को गुमराह करने की असफल कोशिश की।