जांच कमेटी गठित हुई है तो धरनार्थियों से वार्ता क्यों नहीं



पत्रकार बलजीत अटवाल।



अनूपगढ़, राजस्थान।
पंचायत समिति, घड़साना अंतर्गत ग्राम पंचायत 3/4 एसएम (देशली) में मनरेगा कार्यों, पीएम आवास योजना व अन्य कार्यों के क्रियान्वयन में मौजूदा सरपंच ताराचंद मेघवाल द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच जिला प्रशासन द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय कमेटी से करवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का पंचायत समिति भवन, घड़साना के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना 19 दिसंबर को तेईसवें दिन भी जारी रहा।
18 दिसंबर को शाम लगभग 5 बजे अपनी गाड़ी में सवार होकर लौट रहे विकास अधिकारी रामचंद्र मीणा ने धरनार्थियों को बताया कि जिला प्रशासन, अनूपगढ़ द्वारा एक जांच कमेटी गठित कर दी गई है। लेकिन विकास अधिकारी ने उन्हें कोई लिखित कार्यालय आदेश नहीं दिखाया। 19 दिसंबर को शाम लगभग 5 बजे धरनार्थी राजकुमार ने दूरभाष पर India Meet TV को बताया कि हम लिखित कार्यालय आदेश देखकर और जिम्मेदार अधिकारी की उपस्थिति में ही अनिश्चितकालीन धरने की समाप्ति के संबंध में कोई निर्णय लेंगे, अभी तक धरनास्थल पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है।
विचारणीय है कि अगर विकास अधिकारी रामचंद्र मीणा के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा जांच कमेटी गठित कर दी गई है तो फिर धरना समाप्त करवाने की जिम्मेदारी किसकी है, इस क्रम में धरनार्थियों से दूसरे दिन भी वार्ता क्यों नहीं की गई है।
धरनार्थी राजूराम, महेंद्र कौर, पप्पू राम, अंजू सिंह गिल, सीता राम एवं उग्रसेन के अनुसार, अगर जिला प्रशासन द्वारा जांच कमेटी गठित की गई है और जांच शुरू हो रही है तो प्रशासनिक अधिकारी धरनास्थल पर आकर स्थिति स्पष्ट करें, इस क्रम में विकास अधिकारी रामचंद्र मीणा गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाए हुए हैं।

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Author: India Meet Tv

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