
पत्रकार बलजीत अटवाल।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
संभल में शाही जामा मस्जिद के दोबारा सर्वे को लेकर 24 नवंबर को सुबह हुए बवाल में एक शख्स की मौत हो गई है। गुस्साई भीड़ ने मस्जिद के बाहर खड़ी कारों और बाइकों में आग लगा दी। डीआईजी सहित जिले के सभी बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाही जामा मस्जिद पर एक बार फिर हरिहर मंदिर होने का दावा किया गया। कैलादेवी मंदिर के महंत ऋषिराज गिरी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने सिविल न्यायालय में वाद दायर किया था। न्यायालय के आदेश पर 19 नवंबर को सर्वे किया गया था, उस दिन भी भीड़ आक्रोशित थी लेकिन पुलिस प्रशासन ने हालात संभाल लिए थे। 24 नवंबर को कोर्ट कमिश्नर रमेश राघव के साथ डीएम डॉ राजेंद्र पैंसिया व एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के साथ टीम जामा मस्जिद में सर्वे के लिए पहुंची। पूरा क्षेत्र सील होने के बावजूद कुछ देर में ही वहां हजारों की भीड़ जुट गई, उत्तेजित लोगों को समझाने का प्रयास किया गया लेकिन एक गली में से आई भीड़ ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग किया। इस दौरान गोली लगने से एक अज्ञात शख्स की मौत हो गई जबकि डिप्टी कलेक्टर रमेश बाबू, एसपी के पीआरओ संजीव कुमार और सिपाही आशीष वर्मा घायल हो गए। पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। भीड़ पीछे हटती लेकिन फिर से आगे बढ़ जाती।
सर्वे के बाद भी शहर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। संभल में बवाल के बाद अधिकांश क्षेत्रों में बाजार बंद है। एसपी कृष्ण बिश्नोई ने पुलिस पर पथराव कर रहे युवकों से अपील करते हुए कहा – “राजनेताओं के जाल में फंसकर अपना भविष्य बर्बाद न करें।”
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरकार और सुप्रीम कोर्ट से इस मुद्दे पर संज्ञान लेने की मांग की है।