समझाइश करने धरनास्थल पर पहुंची तहसीलदार, किसान मांग पर अड़े
पत्रकार मनजीत सिंह रावला
रावला मंडी अनूपगढ़

रावला तहसील के गांव खानूवाली की केएनडी वितरिका के मोघों से पूरा पानी नहीं मिलने के विरोध में क्षेत्र के किसानों का धरना सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर चक 16 केएनडी ए व बी, 17 केएनडी ए व बी, 19 केएनडी ए व बी, 20 केएनडी व 21 केएनडी के किसान भरी संख्या में भीड़ जमा हुई और सिंचाई विभाग मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे।
इस बीच रावला तहसीलदार सपना सोनी ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से वार्ता की। इस दौरान किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और उन्हें सभी मोघों का निरीक्षण करवाया। तहसीलदार ने बताया कि इस संबंध में जिला कलेक्टर को मोघों की रिपोर्ट भेजी जाएगी और जल्द से जल्द किसानों की समस्या का समाधान किया जाएगा। किसान नेता जगदीश आमरा व संगम अध्यक्ष गुरजंट निमीवाल का कहना है कि अगर जल संसाधन विभाग के अधिकारी निर्माण के दौरान गंभीरता दिखाते तो आज उन्हें इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। इस मौके पर श्रवण पूनिया, सीताराम गोदारा, अक्षय कड़वासरा, निर्मल पनिया, शिव टांडा, मनजीत सिंह रामगढ़िया व लाभ सिंह धौंसी आदि किसान उपस्थित रहे। तहसीलदार सपना सोनी ने मोधों का निरीक्षण कर जल्द से जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया, मगर किसानों ने धरना नहीं उठाया
किसानों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी
उनका कहना है कि जब तब समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। विदित रहे कि निर्माण के बाद वितरिका के मोघे ऊंचे हो जाने के कारण पूरा पानी नहीं मिल पा रहा है। इस स्थिति में पेयजल डिग्गियों में पानी का पूरा भंडारण नहीं हो पा रहा है।
देखा जाए तो रावला क्षेत्र के किसानो को हर बार धरना क्यों देना पड़ता है पानी के लिए धरना फसलों के लिए भी धरना और बेची हुई सरसों के भुगतान के लिए भी धरना प्रदर्शन करना पड़ता है तो समझ जाना चाहिए की किसान की सरकार बात ही नही सुनती सरकार किसानों की पीड़ा कभी नहीं समझ सकती ये हालात है रावला क्षेत्र के किसानो के